चित्तौड़गढ़। ब्रह्मा कुमारीज प्रताप नगर सेवा केंद्र पर मकर संक्रांति का पर्व मनाया गया। राजयोगिनी आशा दीदी ने बताया कि यह पर्व परिवर्तन का पर्व है जैसे-जैसे सूर्य उत्तरायण की ओर होता है व ठंड समाप्त होने लगती है, शीतकाल समाप्त होकर दिन परिवर्तन होता है। लोग पतंग उड़ाते हैं यह प्रतीक है आध्यात्मिक उन्नति का।
उन्होंने बताया कि इस दिन तिल और गुड़ का लड्डू खिलाकर मुख मीठा कराया जाता है, तिल माना जो हमारी आत्मा अति सूक्ष्म है जब मधुरता पूर्ण व्यवहार करती है तो आपस में एकत्रित होकर एक लड्डू का रूप बन जाता है और सबके जीवन में मधुरता आ जाती है।