चित्तौड़गढ़। बूंदी रोड स्थित हज़रत नसीर शाह दाता रहमतुल्लाह अलैहे के 66 वें उर्स का कुल की फातेहा के साथ समापन हुआ। वक्फ कमेटी के सैकेट्री अब्दुल हमीद मंसुरी ने बताया कि अशरफी साहब के सज्जादानशीन सलीम अशरफी और सज्जादानशीन युसुफ अशरफी व शहर काजी अब्दुल मुस्तफा चिश्ती करीमी,की सरपरस्ती में दोपहर 1 बजे कुल की रस्म अदा की गई।
उर्स के दौरान मशहुर कव्वालो ने कव्वाली पेश करी। इस मौके पर नबीरए मख्दुमे मिल्लत मौलाना जुबेर अशरफी अजहरी ने तकरीर व शिजराह पढा सज्जादा नशीन युसूफ अशरफी ने तीलावत करी, नबीराए मख्दुमे मिल्लत मौलाना मुफ्ती उस्मान अजहरी अशरफी ने दरूद ताज पढ़ी, नबीरए मख्दुमे मिल्लत मौलाना जुनेद अशरफी ने कुरआन शरीफ की तिलावत करी नबीराए मख्दुमे मिल्लत मौलाना उमेर अशरफी ने इसाले सवाब पेश करा दुआ करी व सज्जादा नशीन सलीम अशरफी, शहर काजी अब्दुल मुस्तफा ने अपने मुल्क मे अमनों अमान व भाईचारा, व खुशहाली की दुआ मांगी।
इस मौके पर शहर काजी अब्दुल मुस्तफा,आबिद शेख, इस्माइल मंसुरी, अब्दुल हमीद खान, मोहम्मद युनुस छीपा, असलम छीपा,अजहर छीपा,उदयपुर के सलीम संजरी, सिद्दीक नूरी,हारून शालीमार,उमर सा छीपा आदि की दस्तारबन्दी करी कुल की फातिहा के बाद लंगर तकसीम किया गया।
इस मौके पर मौलाना अब्दुल रशीद बरकाती,मौलाना खलील, गोस भाई शेख,नदीम शेख ,सईद भाई,इकबाल कादरी, अब्दुल हफीज़,सिद्दिक छिपा , जफरुल्लाह खान व अशरफी साहब के सैकडो मुरीदीन मोतकीदीन जायरीन मौजूद थे।