चित्तौड़गढ़। दुनिया की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखला अरावली को बचाने के लिए श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना चित्तौड़गढ़ जिला टीम द्वारा मंगलवार 23 दिसंबर को रैली निकाल कर प्रदर्शन किया और नारे बाजी करते हुए पीएम व सीएम के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
करणी सेना के पदाधिकारियों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की 100 मीटर ऊंचाई वाली नई परिभाषा के बाद अरावली पर्वतमाला का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा संरक्षण के दायरे से बाहर किया जा सकता है, जो आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है। अरावली केवल पहाड़ नहीं, बल्कि राजस्थान की जल सुरक्षा, भूजल संरक्षण, जैव विविधता और जलवायु संतुलन का मजबूत कवच है। इसे कमजोर करना सूखा, प्रदूषण और पर्यावरणीय तबाही को खुला निमंत्रण देने जैसा है।
करणी सेना ने चेताया कि यदि आज चुप रहे तो कल पीने का पानी, साफ हवा और हरियाली सिर्फ याद बनकर रह जाएगी। यह केवल पर्यावरण का नहीं बल्कि अस्तित्व और भविष्य का प्रश्न है। अरावली बचेगी तभी राजस्थान बचेगा।
ज्ञापन में राजस्थानी भाषा में भी यह संदेश दिया गया कि 100 मीटर री नई परिभाषा रा नाम पर अरावली ने कागजां सूं मिटायो जावै है, जो पहाड़ियां पानी रोकने, भूजल भरने और रेगिस्तान को आगे बढ़ने से रोकने का काम करती हैं। यह राजनीति का नहीं, बल्कि पानी, खेती और बच्चों के भविष्य का सवाल है।
इस दौरान संभाग अध्यक्ष कानसिंह सुवावा, जिला अध्यक्ष अरविन्द सिंह सावा, संरक्षक महिपाल सिंह फाचर, पूर्व जिला अध्यक्ष ब्रजेन्द्र सिंह भाटी, जिला प्रभारी विजय सिंह बिजयपुर, जौहर स्मृति संस्थान के महामंत्री तेजपाल सिंह खोर, कोषाध्यक्ष गजराज सिंह बराड़ा, महाराणा भूपाल शिक्षा समिति के अध्यक्ष नरपत सिंह भाटी, जौहर क्षत्राणी मंच की अध्यक्षा निर्मला राठौड़, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ट्रस्ट जिलाध्यक्ष प्रहलाद सिंह सीकरवार, महिला अध्यक्ष मीना कंवर, जिला अध्यक्ष माया शक्तावत, सरिता राठौड़, उपाध्यक्ष खुशबू सिंह जोधपुरिया, कान सिंह करेड़िया, मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह चौथपुरा, बेगूं तहसील अध्यक्ष प्रहलाद सिंह मुरलिया, पप्पू सिंह गौरसिया, सुरेन्द्र सिंह हरपुरा, मनभान सिंह जोधपुरिया, गोविन्द सिंह, पवन सिंह, गजराज सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।