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February 13, 2026, 3:23 pm
BIG NEWS : 2021 में स्वीकृत बघाना-हिंगोरिया रेलवे ओवरब्रिज आज भी अधर में, पूर्व विधायक डॉ. सम्पत स्वरूप जाजू ने लगाए आरोप, बोले- सांसद-विधायक की निष्क्रियता से अटका निर्माण, जनता हो रही त्रस्त, जिम्मेदार मस्त, पढ़े खबर 

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नीमच। जिले के बहुप्रतीक्षित बघाना रेलवे ओवरब्रिज और हिंगोरिया रेलवे ओवरब्रिज वर्ष 2021 में स्वीकृत होने के बावजूद आज तक रेल मंत्रालय की अंतिम स्वीकृति नहीं मिलने से अधर में लटके हुए हैं। इस संबंध में डॉ. सम्पत स्वरूप जाजू, पूर्व विधायक नीमच, ने एक बयान जारी कर सांसद एवं विधायक की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

डॉ. जाजू ने कहा कि “जिम्मेदार प्रतिनिधि मस्त हैं और जनता त्रस्त हो रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद सुधीर गुप्ता एवं विधायक दिलीप परिहार की निष्क्रियता और दायित्व निर्वहन में कोताही के कारण इन दोनों रेलवे ओवरब्रिजों के निर्माण में लगातार बाधाएं आ रही हैं।

उन्होंने बताया कि दोनों ओवरब्रिजों को वर्ष 2021 में स्वीकृति मिली थी, लेकिन धरातल पर निर्माण कार्य वर्ष 2025 में जाकर प्रारंभ हुआ। मध्यप्रदेश सरकार के निर्माण विभाग द्वारा ड्राइंग व डिजाइन वर्ष 2025 के अंत में सार्वजनिक किया गया, किंतु विभागों के बीच समन्वय के अभाव में अब तक रेल मंत्रालय से स्वीकृति प्राप्त नहीं हो सकी है, जिसके कारण कार्य वर्तमान में रुका हुआ है।

डॉ. जाजू ने कहा कि पश्चिमी रेलवे के रतलाम रेल मंडल की सलाहकार समिति में नीमच से तीन सदस्य हैं, बावजूद इसके विगत सप्ताह हुई मंडल सलाहकार समिति की बैठक में सांसद और विधायक अनुपस्थित रहे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में सांसद एवं विधायक ने रेलवे सलाहकार समिति की बैठकों तथा रेल मंत्री से मुलाकातों में इन दोनों ओवरब्रिजों के मुद्दे को कभी गंभीरता से नहीं उठाया।

उन्होंने प्रश्न किया कि क्या यह जनप्रतिनिधियों का दायित्व नहीं बनता कि स्वीकृत योजनाओं की निगरानी कर, आ रही बाधाओं को युद्ध स्तर पर दूर कराएं, ताकि योजनाएं समय पर धरातल पर उतर सकें।

डॉ. जाजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां एक ओर केंद्र सरकार स्वीकृत योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर रतलामदृअजमेर खंड का प्रमुख स्टेशन नीमच रेलवे स्टेशन दशकों से अव्यवस्था और उपेक्षा का शिकार है।

उन्होंने बताया कि नीमच रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण, दोहरीकरण और रेलवे जंक्शन बनाने जैसी वर्षों से स्वीकृत योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। विगत पांच वर्षों में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से कई बार इन ओवरब्रिजों के निर्माण में आ रही बाधाओं को उजागर किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।

अंत में डॉ. जाजू ने सांसद एवं विधायक से अपील की कि वे अब जागें और बघाना व हिंगोरिया रेलवे ओवरब्रिजों के लिए रेल मंत्रालय से शीघ्र स्वीकृति एवं आवश्यक धनराशि सुनिश्चित कराएं, ताकि नीमच क्षेत्र की जनता को राहत मिल सके।

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