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February 14, 2026, 10:36 am
NEWS : अर्बुदा की गुफा, संकट मोचन हनुमान, देवी देवता भी अलग-अलग गुफाओं में विराजमान, महाशिवरात्रि के मौके पर यहां उमड़ती भारी भीड़, पढे़ खबर 

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माउंट आबू। राजस्थान का माउंट आबू क्षेत्र धार्मिक स्थानों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि यहां पर तैतीस कोटी देवी देवताओं का वास माना जाता है। माउंट आबू में एक गुफा है, जहां पर पांडव ने माता कुंती के साथ अज्ञातवास के दौरान पूजा की थी। साथ ही इस गुफा में पांच शिवलिंग स्थापित हैं, जिनकी स्थापना पांडवों ने की थी। यहां माता अर्बुदा की गुफा, संकट मोचन हनुमान भी है, और अन्य देवी देवता भी अलग-अलग गुफाओं में विराजमान है। महाशिवरात्रि के मौके पर यहां भारी भीड़ उमड़ती है।


यह पवित्र स्थान पांडवों के अज्ञातवास के रुप में जाना जाता है। जहां पांडवोंन ने पूजा अर्चना भी की थी और शिवलिंग की स्थापना की थी।  शिव की वह निशानी जहां पांडव करते थे शिव की पूजा। युधिष्ठिर का सबसे बड़ा शिवलिंग, दूसरा भाई भीम, तीसरा अर्जुन, चौथा नकुल और सहदेव/इन्हें जब अज्ञातवास दिया गया तो यह माउंट आबू के जंगलों में रहे। जहां पांडव गुफा के नाम से इसे जाना जाता है। पांडवों के बाद यह स्थान ऋषि मुनियों की तपस्या स्थल बन गई जहां आज भी 24 घंटे धूनी प्रज्वलित है । 


माता कुंती चामुंडा माता की पूजा करती थीं। गुफा के पास एक कक्ष भी बना हुआ है और पहाड़ी के नीचे एक अन्य स्थान पर भी एक गुफा है, जहां माता कुंती रहा करती थीं। अब इन गुफाओं में साधु-संत विश्राम करते हैं। मंदिर परिसर में हनुमानजी और नंदी के स्वरूप भी मौजूद हैं। यहां हनुमान प्रतिमा स्थापित नहीं है, बल्कि एक विशाल पत्थर पर ही उनकी छवि बनाई गई है। वहीं एक पहाड़ी को नंदी के रूप में पेंट किया गया है। यहां एक प्राचीन कुंड भी बना हुआ है।


वर्तमान में यहां के महंत हैं जाने-माने संत डूंगर दास जी महाराज जिनके सानिध्य में यहां अनेक आयोजन होते हैं। आज से शिवरात्रि का पर्व शुरू हो रहा है और 3 दिन तक देश के कोने-कोने से भक्त यहां दर्शन करने पहुंचेंगे। हम उसे स्थान के दर्शन कर रहे हैं जहां पांचो शिवलिंग पांचो भाई मिलकर अपने-अपने शिवलिंगों पर जल और दूध पंचामृत चढ़ाते थे ऐसा मानना है। 


मंदिर का इतिहास करीब 5 हजार वर्ष पुराना बताया जाता है। यह वर्षों तक विलुप्त था, जिसका जीर्णाेद्धार महंत रतनगिरी महाराज ने करवाया था। मंदिर परिसर में उनकी समाधि और प्रतिमा भी स्थापित है। यह मंदिर अब देशभर से आने वाले साधु संतों का आश्रम बन गया है, और भक्त दूर-दूर से इस प्राचीन स्थान पर आकर दर्शन करते हैं और साधु संतों के आशीर्वाद लेते हैं। माउंट आबू के पांडव गुफा ने इतिहास के पन्नों को जीवंत कर दिया है। यह रहस्यमयी गुफा, प्राचीन शिव मंदिर और पहाड़ों में तैतीस कोटी देवी-देवताओं का वास इस पवित्र भूमि को और भी आकर्षक बनाता है।

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