नीमच। शहर के तिलक मार्ग स्थित प्राचीन श्री बावड़ी वाले बालाजी मंदिर में विराजित भगवान नीमच नरेश के चार दिवसीय रंग-रंगीले फाग महोत्सव के अंतर्गत फागुन एकादशी का पावन पर्व गुरुवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया।
फागुन एकादशी के विशेष अवसर पर भगवान नीमच नरेश का दिल्ली और कोलकाता से मंगाए गए सुगंधित फूलों एवं ड्राई फ्रूट से भव्य एवं शाही श्रृंगार किया गया। मंदिर को रंग-बिरंगी विद्युत सज्जा और आकर्षक पुष्पों से सजाया गया, वहीं मंदिर के बाहर बनाया गया भव्य प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
मंदिर दिनभर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुला रहा। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त भगवान के दर्शन के लिए पहुंचे, जिससे मंदिर परिसर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
शाम को भगवान नीमच नरेश को छप्पन भोग का विशेष नैवेद्य अर्पित किया जाएगा तथा ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच संध्या महाआरती संपन्न होगी। इस दौरान भक्ति और उत्सव का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित गोपालकृष्ण शर्मा ने बताया कि चार दिवसीय फाग महोत्सव के अंतर्गत पहले दिन भव्य निशान यात्रा तथा दूसरे दिन पालकी यात्रा निकाली गई थी। धार्मिक मान्यता के अनुसार फागुन एकादशी का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी दिन बाबा द्वारा शीश दान किया गया था। इसी कारण इस दिन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।