चित्तौड़गढ़। कृष्णधाम श्री सांवलिया जी मंदिर में करीब डेढ़ महीने बाद भंडार खोला गया। राजभोग आरती के बाद पारंपरिक विधि-विधान से भंडार खोला गया और नकद राशि की काउंटिंग शुरू की गई। पहले दिन दानपात्रों से निकली नकद राशि की गिनती में 10 करोड़ 65 लाख रुपए सामने आए। गिनती मशीन और हाथ, दोनों तरीकों से शाम तक जारी रही।
कड़ी सुरक्षा में हुई काउंटिंग
सुबह से ही मंदिर परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। कर्मचारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में नोटों के बंडल निकाले गए और उनकी गिनती की गई। मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिसके चलते हर बार भंडार में अच्छी-खासी राशि जमा होती है।
5 मार्च को होगा दूसरा राउंड
मंदिर प्रशासन के अनुसार काउंटिंग का दूसरा राउंड अब 5 मार्च को किया जाएगा। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण और सूतक के कारण उस दिन गिनती नहीं होगी। इसके अलावा बुधवार को फूलडोल महोत्सव होने से भी काउंटिंग का कार्य स्थगित रखा गया है।
मंदिर में धार्मिक परंपराओं का विशेष ध्यान रखा जाता है, इसलिए ग्रहण और सूतक के दौरान कोई महत्वपूर्ण कार्य नहीं किया जाता। फूलडोल महोत्सव के दौरान भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यवस्था को प्राथमिकता दी है।
पारदर्शिता के साथ हो रही प्रक्रिया
मंदिर की सीईओ प्रभा गौतम ने बताया कि राजभोग आरती के बाद ही भंडार खोला गया और पूरी काउंटिंग पारदर्शिता के साथ की जा रही है। मंदिर मंडल के पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी पूरी प्रक्रिया के दौरान मौजूद हैं।
दूसरे राउंड में शेष नकद राशि की गिनती की जाएगी। इसके साथ ही ऑनलाइन प्राप्त दान और सोने-चांदी का तौल अंतिम दिन किया जाएगा। पूरी काउंटिंग के बाद कुल राशि का अंतिम आंकड़ा जारी किया जाएगा।
साल में तय परंपरा से खुलता है भंडार
मंदिर में भंडार खोलने की एक निर्धारित परंपरा है। साल में एक बार पूर्णिमा से पहले आने वाली चतुर्दशी पर विशेष रूप से भंडार खोला जाता है। इसके अलावा हर महीने अमावस्या से पहले चतुर्दशी के दिन भी भंडार खोला जाता है।
पिछली बार 35.40 करोड़ से ज्यादा निकले थे
जनवरी में खुले भंडार से 35 करोड़ 40 लाख 93 हजार 313 रुपए प्राप्त हुए थे। इस बार पहले दिन 10.65 करोड़ रुपए की गिनती हो चुकी है। अंतिम आंकड़ा दूसरी काउंटिंग के बाद सामने आएगा।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था और परंपराओं का सम्मान करते हुए ही सभी निर्णय लिए जाते हैं, इसलिए चंद्र ग्रहण के कारण काउंटिंग दो दिन बाद फिर शुरू की जाएगी।