देवास। होलिका दहन की पावन संध्या पर जब पूरा शहर श्रद्धा और उल्लास में डूबा नजर आया, तब रंगों से सजी भावनाओं ने मानो धरती पर अपनी अलग ही दुनिया रच दी। वर्षों से चली आ रही परंपरा को संजोए हुए युवा भगत सिंह क्लब ने इस वर्ष भी अपनी भव्य रंगोली प्रदर्शनी के माध्यम से देवास की सांस्कृतिक आत्मा को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल और सभापति रवि जैन द्वारा फीता काटकर किया गया। जैसे ही प्रदर्शनी का आरंभ हुआ, रंगों की उस दुनिया में कदम रखते ही हर चेहरा मुस्कान और गर्व से खिल उठा।
कलाकारों और युवाओं की मेहनत से बनी रंगोलियां केवल रंगों का मेल नहीं थीं, बल्कि उनमें संस्कृति, आस्था और परंपरा की गहराई झलक रही थी। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे शहरवासियों ने इन जीवंत कलाकृतियों को निहारते हुए होली के उत्सव को दिल से महसूस किया। हर रंगोली मानो यह संदेश दे रही थी कि परंपराएं केवल निभाई नहीं जातीं, उन्हें दिल से जिया जाता है।
क्लब के सदस्य अशोक कहार ने बताया कि यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने का संकल्प है। वहीं कलाकार मनोज पंवार ने भावुक होकर कहा कि एक रंगोली को आकार देने में 8 से 10 घंटे का समय लगता है, लेकिन जब लोग उसकी सराहना करते हैं तो सारी थकान मिट जाती है। यह आयोजन देवास की पुरानी परंपरा को जीवित रखने का एक छोटा सा प्रयास है।
होलिका दहन की इस पावन बेला पर सजे ये रंग केवल जमीन पर नहीं बिखरे, बल्कि हर दिल में उतर गए कृ यह याद दिलाते हुए कि संस्कृति की असली खूबसूरती उसकी निरंतरता में ही बसती है।