BREAKING NEWS
NEWS : वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का हुआ.. <<     NEWS : विश्व पर्यावरण दिवस पर संजीवनी सेवा.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : हरित ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम, मंत्री.. <<     NEWS : विश्व पर्यावरण दिवस पर संजीवनी सेवा.. <<     NEWS : ड्रग तस्कर उस्मान खान के अवैध फार्महाउस पर.. <<     KHABAR : विश्व पर्यावरण दिवस पर भादवा माता में.. <<     BIG NEWS : पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव, नीमच को मिली नई.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : मां के नाम एक पेड़, बेटी के नाम उज्ज्वल.. <<     REPORT : बिना परमिट चना ले जा रहे वाहन पर मंडी का.. <<     KHABAR : मनासा में पीड़ित परिवारों को मिली आर्थिक.. <<     धरती को हरा-भरा बनाने आगे आया देवास: विश्व.. <<     खरगोन में एनएचएम संविदा कर्मियों ने खून से.. <<     VIDEO: निपानिया आश्रम में हुआ विशेष.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     BIG NEWS : 14 साल की मासूम का शव कुएं में मिला,.. <<     NEWS : आई स्टैंड विद अलका लांबा अभियान में शामिल.. <<     NEWS : वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 का वन.. <<     NEWS : विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण कर दिया.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
March 3, 2026, 4:15 pm
KHABAR : चंद्रग्रहण सूतक में भी खुला रहा महाकाल मंदिर, कालों के काल पर नहीं होता ग्रहण का कोई असर, सिर्फ भोग और स्पर्श पर था प्रतिबंध, पढे़ खबर

Share On:-

उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में सूतक काल की शुरुआत सुबह 6ः20 से हुई, जिसके बाद शहर के अधिकांश वैष्णव मंदिरों में पट बंद किए गए है। कई जगह मंदिर के मेन गेट पर ताले लगाए गए हैं। वहीं मूर्तियों को कपड़े से ढंका गया है। चंद्रग्रहण के समापन के बाद मंदिर का शुद्धिकरण कर पूजन आरती की जाएगी। वहीं धर्मनगरी उज्जैन में मात्र महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए दर्शन का सिलसिला जारी रहेगा।


साल का पहला चंद्र ग्रहण मंगलवार को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर लगा। जिसका सूतक काल सुबह 6.20 से लगा है। सूतक काल में देवी देवताओं के पूजन पर प्रतिबंध लगा होने के कारण मंदिरों के कपाट को बंद रखा गया है। शहर के छोटे बड़े मंदिरों के पट सुबह 6 बजे से ही बंद किए गए है। इस दौरान मंदिरो में सन्नाटा पसरा हुआ है। उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर, सांदीपनि आश्रम, अंगारेश्वर महादेव मंदिर में भी पट बंद किए गए हैं।


ग्रहण खत्म होने के बाद खुलेंगे पट
वहीं भात पूजा पर भी रोक लगाई गई है। मंदिर के पुजारी सुशील शर्मा ने बताया कि सूतक काल में पूजन अर्चना करने का विधान नहीं है। इसलिए मंदिर के पट बंद किए गए हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर में शुद्धिकरण की जाएगी, इसके बाद पूजन आरती होगी।


महाकाल मंदिर में भोग और स्पर्श पर प्रतिबंध
वहीं विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन का सिलसिला जारी है। मंदिर में केवल सूतक के चलते भोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही भगवान के स्पर्श पर भी प्रतिबंध है। मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने बताया कि महाकाल प्रधान देवता है। कालों के काल महाकाल पर सूतक का असर नहीं होता है। यहां सूतक काल के दौरान भी आरती की जाएगी। केवल महाकाल मंदिर ही ऐसा है, जिस पर किसी भी प्रकार ग्रहण का असर नही होता है, चाहे सूर्य ग्रहण हो या चंद्र ग्रहण।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE