नीमच। रंगों के पर्व रंग पंचमी पर रविवार को नीमच सिटी में पारंपरिक भव्य गैर उत्साह और उल्लास के साथ निकाली गई। ढोल-ताशों की गूंज, बैंड-बाजों की धुन और गुलाल की बौछार के बीच पूरा शहर रंगों की मस्ती में सराबोर नजर आया। बड़ी संख्या में युवाओं, बच्चों और नागरिकों ने गैर में शामिल होकर रंग पंचमी के उत्सव को यादगार बना दिया।
रंग पंचमी महोत्सव समिति के तत्वावधान में निकली यह गैर नृसिंह मंदिर, प्रताप चौक से प्रारंभ हुई। पारंपरिक वाद्ययंत्रों और ढोल-ढमाकों के साथ गैर नीमच सिटी के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने गुलाल उड़ाकर जुलूस का स्वागत किया।
गैर में अखाड़ा प्रदर्शन, बाना पार्टी, डीजे की धुन और होली के गीतों पर लोग मस्ती के साथ नृत्य करते हुए चल रहे थे। युवाओं ने लोकगीतों की धुन पर नृत्य कर माहौल को उत्सवमय बना दिया। जुलूस के दौरान चारों ओर रंगों की बौछार और जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।
आयोजकों ने बताया कि नीमच सिटी में रंग पंचमी की गैर ग्वालियर स्टेट के समय से चली आ रही वर्षों पुरानी परंपरा है, जो शहर की सांस्कृतिक विरासत और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। रंग पंचमी की खास बात यह है कि होली के दिन टेसू के फूलों से प्राकृतिक रंग तैयार किया जाता है।
इस आयोजन के माध्यम से समाज में मेलजोल, सौहार्द और सनातन संस्कृति की परंपराओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया जाता है। रंगों, संगीत और उल्लास से सराबोर इस आयोजन में शहरवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और रंग पंचमी का पर्व पूरे उत्साह और आनंद के साथ मनाया।