नीमच। कर्मकाण्डीय विप्र परिषद् की महत्वपूर्ण बैठक रविवार 08 मार्च 2026 को दोपहर 1 बजे भूतेश्वर महादेव मंदिर स्थित मॉ अन्नपूर्णा के दरबार में सम्पन्न हुई जिसमें परिषद का विस्तार करते हुए नगर के मंदिरों के पुजारी वर्ग को सम्मिलित करते हुए संगठन का नाम संशोधन करके कर्मकाण्डीय विप्र पुजारी परिषद रखने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। साथ ही वर्तमान विप्र परिषद की कार्यकारिणी को भंग करके पं. मालचन्द्र शर्मा को पुनः अध्यक्ष पद पर सर्वसम्मति से पुनः चुना गया। और एक दुसरे को रंग गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाऐं दी गई। बैठक मे यूजीसी कानून का विरोध करते हुए एक स्वर में इसकी निंदा की गई और केन्द्र सरकार से इसे तुरन्त वापस लेने की मांग की गई। क्योंकि इस कानून से युवा वर्ग का भविष्य बर्बाद हो रहा है और समाज मे वर्ग संघर्ष बढ़ रहा है। एवं आसामाजिक तत्व इस कानून का बेजा लाभ लेने के लिये झुठी शिकायतें करके सर्वण समूह को प्रताड़ित कर रहे है। नवीन कार्यकारिणी के गठन तक के लिए वर्तमान अध्यक्ष पं. राधेश्याम उपाध्याय ही कार्यवाहक के रूप में व्यवस्था संपादन करेंगे। बैठक में पं.प्रेमप्रकाश गौड़ पं. जगदीश प्रसाद शर्मा पं.कमल शर्मा, पं.कृष्णकान्त व्यास, पं. दुर्गाशंकर नागदा, पं.रूपा शर्मा, पं. राहुल शर्मा ,पं.जयप्रकाश शर्मा, पं.महेश पाराशर, पं.लक्ष्मण शर्मा (शास्त्री), पं.राकेश चतुर्वेदी, पं. घनश्याम शास्त्री, पं.चंद्रशेखर तिवारी पं. चन्द्रशेखर तिवारी, पं.कृष्णकांत व्यास पं.सुनील शर्मा, पं.राजेन्द्र पुरोहित, पं.गोरव पारिक पं.कमलकान्त जोशी सहित बड़ी संख्या कर्मकाण्डीय विप्र पुजारी परिषद के गणमान्य जन उपस्थित थे। उक्त जानकारी परिषद् के पूर्व मंत्री पं. जगदीशप्रसाद शर्मा द्वारा दी गई।