नीमच। शहर की प्रतिष्ठित सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था कृति द्वारा आयोजित “कृति उत्सव-नृत्य महोत्सव” में भरतनाट्यम की दिव्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में शास्त्रीय नृत्य की परंपरागत शैली, भाव, लय और अभिनय का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने पूरे वातावरण को कला और अध्यात्म की सुगंध से भर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत “नटेश कौटुवम” से हुई, जिसमें भगवान शिव के नटराज स्वरूप की स्तुति पर आधारित ऊर्जावान नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद “शब्दम्” में भगवान कृष्ण के जीवन की मधुर लीलाओं को भाव-अभिनय के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
“नृत्यति नृत्यति” में शिव के आनंदमय नृत्य का भावपूर्ण चित्रण और “बिहाग तिल्लाना” में तेज लयबद्ध प्रस्तुति दर्शकों को खासा आकर्षित करने वाली रही। कार्यक्रम के अंतिम चरण में “नर्मदा वंदना” की भावपूर्ण प्रस्तुति में माँ नर्मदा की पवित्रता और भारतीय संस्कृति में उनके महत्व को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया।
संस्था के अध्यक्ष डॉ. अक्षय राजपुरोहित, सचिव कमलेश जायसवाल और प्रचार सचिव कृष्ण कुमार शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में अतिथियों के रूप में पारस जैन, अनिल चौरसिया, सत्यनारायण गोयल, दिलीप शर्मा, रेणुका व्यास, हेमंत बैरागी और पारस नागोरी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के संयोजक सत्येंद्र सिंह राठौड़ और सविता चौधरी थे, संचालन मंजुला धीर ने किया। इस अवसर पर कृति संस्था की महिला सदस्यों का सम्मान किया गया और पूर्व सचिव स्व. बाबूलाल पोरवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।