रतलाम। जिले के जावरा के समीप स्थित ग्राम सरसी के प्रसिद्ध राजा हनुमान मंदिर में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला चूल तेरस महा महोत्सव और सात दिवसीय भव्य मेला इस वर्ष 11 मार्च से 17 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और पूरे गांव को दुल्हन की तरह सजाया गया है।
इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण अंगारों पर चलने की प्राचीन परंपरा ‘चूल’ है। आस्था के प्रतीक इस आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालु धधकते अंगारों पर नंगे पैर चलकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। इस अनूठी परंपरा को देखने के लिए आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरसी पहुंचते हैं।
आयोजन के दौरान दिन में पंडित सुनील शर्मा द्वारा रामकथा का वाचन किया जाएगा, वहीं रात्रि में अनिरुद्ध मुरारी द्वारा “नानी बाई का मायरा” का संगीतमय प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। इसके अलावा बालाजी महाराज को 56 भोग अर्पित किए जाएंगे और पूरे नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
महोत्सव के दौरान रक्तदान शिविर, विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम, बड़े झूले, बच्चों के झूले, चकरी तथा खिलौनों की दुकानों सहित कई आकर्षण रहेंगे। प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए भोजन भंडारा भी आयोजित किया जाएगा।
17 मार्च को बालाजी महाराज का विशेष श्रृंगार किया जाएगा और सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ होगा। शाम 5 बजे चूल जलाई जाएगी, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु अंगारों पर चलकर आस्था का प्रदर्शन करेंगे। वहीं रात 8 बजे मोंटी नटराजन ग्रुप (दिल्ली) द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी।
आयोजन समिति के अनुसार हर वर्ष की तरह इस बार भी महोत्सव को भव्य रूप से मनाने की तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट रहेगा।