रतलाम। जिले के सरसी गांव में बुधवार से सप्त दिवसीय चूल तेरस महा महोत्सव का शुभारंभ हो गया। महोत्सव की शुरुआत परम पूज्य गुरु भगवंत सुनील जी शर्मा और अनिरुद्ध जी मुरारी के ऐतिहासिक नगर प्रवेश के साथ हुई। ढोल-डीजे और भक्तों की भव्य शोभायात्रा के बीच दोनों गुरु भगवंत का नगर में स्वागत किया गया।
नगर प्रवेश के बाद गुरु भगवंत राजा हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां बालाजी महाराज की अलौकिक प्रतिमा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात वे कथा पंडाल पहुंचे, जहां व्यास पीठ और पोथी पूजन कर धार्मिक आयोजन की विधिवत शुरुआत की गई।
राम कथा की महिमा का किया वर्णन
प्रथम दिवस पर पं. सुनील जी शर्मा (नाहरगढ़) ने राम कथा की महिमा, बालकांड की भूमिका और प्रभु श्री राम के अवतरण की कथा का दिव्य वर्णन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि राम कथा हमारे जीवन में धर्म, भक्ति और मर्यादा की स्थापना करती है।
प्रवचन की शुरुआत ईष्ट देव की स्तुति और गुरु वंदना से हुई। गुरुदेव ने कहा कि गुरु की कृपा के बिना राम तत्व को समझना कठिन है। प्रवचन के दौरान “जय श्री कृष्ण” और “जय श्री राम” के संकीर्तन से पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर हो गया।
रात्रि में होगी नानी बाई के मायरे की कथा
रात्रि में अनिरुद्ध जी मुरारी द्वारा प्रसिद्ध धार्मिक प्रसंग “नानी बाई का मायरा” की कथा का वाचन किया जाएगा। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण करने के लिए उपस्थित रहे और पूरे वातावरण में भक्ति का भाव देखने को मिला।