नीमच। नीमच सहित आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार को दशा माता का पर्व श्रद्धा, आस्था और परंपरा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर विधि-विधान से दशा माता की पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की।
सुबह से ही मंदिरों, चौक-चौराहों और पीपल वृक्षों के पास महिलाओं की भीड़ रही, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजन किया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार चौत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी को दशा माता का व्रत रखा जाता है, जिससे जीवन की विपरीत परिस्थितियां दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।
महिलाओं ने स्नान के बाद सोलह श्रृंगार कर पीपल, नीम और बरगद जैसे पवित्र वृक्षों की पूजा की। पूजन के दौरान कुमकुम, मेहंदी, लच्छा, सुपारी और अक्षत अर्पित कर वृक्ष की परिक्रमा की गई। इसके बाद पीपल की छाल, जिसे परंपरा में “सोना” कहा जाता है, श्रद्धापूर्वक घर लाकर तिजोरी में रखा गया।
शहर के विभिन्न मंदिरों और पूजा स्थलों पर सामूहिक पूजन हुआ और पूरे दिन धार्मिक वातावरण बना रहा।