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March 13, 2026, 6:16 pm
BIG NEWS : नारकोटिक्स की कार्रवाई के खिलाफ फूटा अफीम किसानों का गुस्सा, राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में काश्तकारों ने किया प्रदर्शन, तपती दोपहरी में सैंकड़ों की संख्या में पहुंचे कलेक्ट्रेट, बोले- परेशान करना बंद करो, नागौर सांसद ने संसद में उठाया मुद्दा, पढ़े रेखा खाबिया की खबर 

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चित्तौड़गढ़। अफीम किसानों पर नारकोटिक्स विभाग की कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। प्रचंड गर्मी और तेज धूप के बावजूद जिलेभर से सैकड़ों अफीम लाइसेंसधारी किसान कलेक्ट्रेट चौराहे पर एकत्र हुए और धरना देकर अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने अफीम काश्तकारों के हक में आवाज उठाई। 

अवैध छापेमारी से किसानों में भारी आक्रोश- 
किसानों ने आरोप लगाया कि अफीम फसल वर्ष 2025-26 के दौरान लुआई-चिराई के समय नारकोटिक्स विभाग और अन्य एजेंसियों द्वारा किसानों के घरों पर अवैध छापेमारी और अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने उप नारकोटिक्स आयुक्त कोटा और जिला कलेक्टर चित्तौड़गढ़ के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग की कि अफीम किसानों के घरों पर हो रही अवैध कार्रवाई तुरंत रोकी जाए और कच्चे तौल की व्यवस्था समाप्त की जाए।

कच्चे तौल व्यवस्था पर उठाए सवाल-
किसानों ने ज्ञापन में बताया कि अफीम लुआई-चिराई के दौरान पौधों से निकलने वाली अफीम में पानी की मात्रा अधिक होती है, जिसे किसान सुखाकर तौल केंद्र पर ले जाते हैं। आरोप है कि विभाग द्वारा कच्ची अफीम और पानी को भी अफीम मानकर छापेमारी की जा रही है। किसानों ने मांग की कि कच्चे तौल की प्रक्रिया तुरंत बंद कराई जाए या फिर विभाग रोजाना अफीम संग्रहण की व्यवस्था करे, ताकि किसान को घर पर भंडारण न करना पड़े।

घरों पर दबिश से किसान परेशान-
किसानों ने कहा कि लुआई-चिराई से लेकर तौल तक के समय में पुलिस और नारकोटिक्स विभाग द्वारा घरों पर दबिश दी जा रही है, जिससे वैध लाइसेंसधारी किसान भी अपराधी की तरह परेशान हो रहे हैं। किसानों ने मांग की कि इस अवधि में आम काश्तकारों के घरों पर छापेमारी पर रोक लगाई जाए।

देलवास बैठक के बाद हुआ बड़ा आंदोलन-
धरने से एक दिन पहले डूंगला उपखंड के देलवास गांव में सैकड़ों किसानों की बैठक हुई थी, जिसमें नारकोटिक्स विभाग के खिलाफ आंदोलन का निर्णय लिया गया था। इसी के तहत 13 मार्च को चित्तौड़गढ़ मुख्यालय पर बड़े स्तर पर धरना देने का आह्वान किया गया, जिसके बाद जिलेभर से किसान धरना स्थल पर पहुंचे। 

नेताओं ने भी किया समर्थन-
धरना प्रदर्शन को पूर्व राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह जाड़ावत, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष भेरूलाल चौधरी सहित कई किसान नेताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि वैध लाइसेंसधारी किसानों को परेशान करना बंद किया जाए और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। धरना दे रहे किसानों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। किसानों ने सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर राहत देने की मांग की है।


नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने संसद में भी उठाया मुद्दा- 
चित्तौड़गढ़ के अफीम किसानों का मुद्दा संसद में भी उठाया गया। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि नारकोटिक्स विभाग द्वारा अफीम उत्पादक किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि वैध रूप से खेती करने वाले किसानों को बार-बार नोटिस और जांच के नाम पर दबाव में रखा जा रहा है, जिससे किसानों में डर का माहौल बन गया है। बेनीवाल ने संसद में सरकार से मांग की कि ईमानदारी से खेती करने वाले किसानों को राहत दी जाए और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी किसानों के इस मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी।

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