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March 17, 2026, 5:45 pm
KHABAR : भेरुजी की पारंपरिक गैर से रंग तेरस पर छाया उत्साह, पुराने शहर नीमच सिटी में 75 वर्ष पुरानी परंपरा निभाई, भेरुजी को स्नान कराकर निकाली नगर परिक्रमा, पढ़े खबर 

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नीमच। पुराने शहर नीमच सिटी में रंग तेरस का पर्व इस वर्ष भी आस्था, परंपरा और उत्साह के साथ मनाया गया। माहेश्वरी मोहल्ले से निकली भेरुजी की पारंपरिक गैर ने पूरे क्षेत्र को भक्ति और रंगों के माहौल से सराबोर कर दिया।

वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार भूमिगत विराजमान भेरुजी की प्रतिमा को विशेष विधि से गड्ढे से बाहर निकाला गया। इसके बाद चमड़े की खाल में भरे जल से उनका पारंपरिक स्नान कराया गया, जो इस आयोजन की विशेष पहचान है। स्नान के बाद विधिवत पूजा-अर्चना कर भेरुजी को दाल-बाटी और लड्डू का भोग अर्पित किया गया।

नगर भ्रमण के साथ निकली गैर-
गैर का शुभारंभ माहेश्वरी मोहल्ले से हुआ, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः अपने प्रारंभिक स्थल पर संपन्न हुई। इस दौरान भेरुजी की प्रतिमा को ठेले पर विराजित कर नगर भ्रमण कराया गया। मार्ग में जोशी मोहल्ला स्थित खेड़ापति बालाजी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद गैर आगे बढ़ी। श्रद्धालुओं ने गुलाल उड़ाकर और रंग खेलते हुए आयोजन को उत्सव का रूप दे दिया।

युवाओं की टोली रही आकर्षण का केंद्र-
गैर में शामिल युवाओं की टोली विशेष आकर्षण का केंद्र रही। परंपरा अनुसार युवक जल भरकर भेरुजी के स्नान के साथ श्रद्धालुओं पर भी जल का छिड़काव करते नजर आए। माहेश्वरी समाज के राकेश बाहेती ने बताया कि यह परंपरा लगभग 75 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। भेरुजी वर्षभर गड्ढे में ही विराजमान रहते हैं और होली के अवसर पर ही उन्हें बाहर निकालकर पूजा-अर्चना की जाती है। इसके बाद नवरात्रि में पुनः स्थापित किया जाता है। रंग, भक्ति और परंपरा के संगम ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।

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