BREAKING NEWS
SHOK SAMACHAR : नहीं रहे सत्यनारायण तोतला, परिवार में.. <<     NEWS : वरिष्ठ पार्षद भोलाराम प्रजापत को.. <<     BIG REPORT : मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता, शासकीय.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     REPORT : मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत.. <<     KHABAR : एक हाथ नहीं होने के बावजूद हौसला बुलंद,.. <<     KHABAR : मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का छठा.. <<     KHABAR : नवम राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जिले में.. <<     KHABAR : पीएमएफएमई योजना से खरबूजा मगज प्रसंस्करण.. <<     KHABAR : संत श्री उषागंज अयोध्यापुरी धर्मशाला में.. <<     BIG NEWS : सीएम बोले-स्कूलों में पढ़ाएंगे शंकर.. <<     NMH-MDS HEADLINES : मंदसौर-नीमच की 9 बड़ी खबरें: बारिश,.. <<     VIDEO: #विधायक के खिलाफ #शाजापुर में भीम आर्मी का.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     PHONO: #तेंदुए _का आतंक या #वन _विभाग की अनदेखी? फिर.. <<     BIG REPORT : मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
March 18, 2026, 10:56 am
KHABAR : सजेगा माता का दरबार, सोमवार को विशाल भंडारे के साथ होगी विदाई, भगवानपुरा के बहुमंजिला हनुमान मंदिर में माता की बाड़ी स्थापना का तीसरा वर्ष, तैयारियां पूरी, पढ़े प्रदीप महाजन की खबर 

Share On:-

भगवानपुरा। निमाड़ अंचल के प्रमुख लोकपर्व गणगौर का उत्साह इन दिनों चरम पर है। 14 मार्च को माता की मूठ रखने के साथ ही नगर में भक्तिमय माहौल शुरू हो गया है। नगर के 30×80 वर्गफीट के भव्य बहुमंजिला हनुमान मंदिर में माता की बाड़ी स्थापना का यह तीसरा वर्ष है, जिसे लेकर ग्रामवासियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

रथ यात्रा और झालरिया गीतों से गूंजेगा नगर
21 मार्च को विधि-विधान से माता की बाड़ी के पट खोले जाएंगे। इसके बाद ग्रामीण एकत्रित होकर रनूबाई की पूजा-अर्चना करेंगे। पूजा के बाद श्रद्धालु माता के ज्वारे और सजे हुए रथ अपने घर ले जाएंगे, जहां एक दिन सेवा-पूजा की जाएगी। अगले दिन रथों को मुख्य चौराहे पर लाया जाएगा, जहां माताएं और बहनें पारंपरिक झालरिया गीत गाकर उत्सव मनाएंगी।

‘रथ भवढ़ाने’ की अनूठी परंपरा- 
परंपरा के अनुसार माता को विदाई के लिए घाट ले जाया जाता है, लेकिन मान्यता है कि माता को एक दिन और मायके में रुकने की विनती कर वापस लाया जाता है। इस अनूठी परंपरा को रथ भवढ़ाने कहा जाता है।
रविवार रात भर भजन-कीर्तन और रतजगा होगा।

सोमवार को महाभंडारा, पूरे नगर में रहेगा अवकाश- 
उत्सव का समापन 23 मार्च को विशाल भंडारे के साथ होगा। इस दिन भगवानपुरा के ग्रामीण स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखते हैं। भंडारे की तैयारी गांव के लोग सामूहिक रूप से करते हैं तथा आसपास के गांवों को भी निमंत्रण दिया जाता है, जहां हजारों श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करते हैं। भंडारे के बाद शाम 5 बजे ढोल-नगाड़ों के साथ माता को भावभीनी विदाई दी जाएगी।

मंदिर के पुजारी पंडित विजयंत आत्रे ने बताया कि यह पर्व सामाजिक समरसता का प्रतीक है, जिसमें सभी समाज के लोग मिलकर आयोजन को सफल बनाते हैं। माता के आशीर्वाद से पूरे क्षेत्र में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE