मनासा। महापर्व रामनवमी इस वर्ष 27 मार्च 2026, शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। जिला मुख्यालय नीमच से लगभग 50 किलोमीटर दूर मनासा-रामपुरा मार्ग पर कुंडालिया के पास स्थित हतुनिया गांव में इस बार विशेष धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। यहां 20 वर्षों के बाद प्राचीन एवं चमत्कारिक श्री राम-लक्ष्मण दरबार मंदिर में “दर्शन बाण” का भव्य आयोजन किया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हतुनिया गांव का यह मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है। मान्यता है कि लक्ष्मण जी के परम भक्त मोड़ीराम व्यास और शंकरलाल ओझा अपने साथियों के साथ जयपुर के समीप किशनगढ़ से श्रीराम, लक्ष्मण और जानकी माता की संगमरमर की मूर्तियां लेकर आए थे। बाद में नागा साधुओं से जुड़ी अद्भुत घटनाओं के बीच इन मूर्तियों की स्थापना सन 1753 में विधि-विधान से की गई।
इसी दौरान नागा साधुओं द्वारा ग्रामीणों को एक पवित्र लकड़ी का “बाण” दिया गया था, जिसके साथ पहली बार विशेष धार्मिक विधि संपन्न हुई। तभी से “दर्शन बाण” की परंपरा चली आ रही है, जो केवल विशेष अनुमति और शुभ संयोग पर ही आयोजित होती है।
आयोजन की प्रक्रिया भी अत्यंत विशेष और अनोखी है। वेद पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और रात्रि अभिषेक के बाद प्रातः आरती होती है। इसके पश्चात लगभग 300 वर्ष पुराने पवित्र बाण को मंदिर से बाहर लाया जाता है। मामा-भांजे की जोड़ी द्वारा 36 फीट की दूरी पर विशेष व्यवस्था बनाई जाती है, जहां श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
जैसे-जैसे जयकारे गूंजते हैं, निर्जीव डोरियों और बांस के चाप में स्वतः हलचल शुरू हो जाती है और वह बिना किसी स्पर्श के बाण पर आकर टिक जाते हैं। इसी दौरान मंदिर में विराजित लक्ष्मण जी की मूर्ति पर पसीने की बूंदें प्रकट होना भी एक चमत्कार माना जाता है। यह दृश्य हजारों श्रद्धालुओं के सामने प्रत्यक्ष रूप से देखने को मिलता है।
ग्रामीणों के अनुसार यह आयोजन पूर्व में वर्ष 1971, 1983 और 2006 में हुआ था। अब 20 साल बाद पुनः यह अद्भुत धार्मिक आयोजन 27 मार्च 2026 को रामनवमी और शुक्रवार के पावन संयोग पर आयोजित किया जा रहा है।
इस आयोजन में लगभग 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। हतुनिया सहित आसपास के गांव आमदखेड़ी, भगोरी, कुंडालिया, धाऊखेड़ी, बरलाई, कड़ी खुर्द और कड़ी बुजुर्ग के ग्रामीण मिलकर इसकी तैयारियों में जुटे हैं।
ग्रामवासियों ने समस्त श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे 27 मार्च को हतुनिया धाम पहुंचकर इस अद्भुत आस्था, भक्ति और सनातन परंपरा के चमत्कारिक “दर्शन बाण” के दिव्य दर्शन का लाभ लें।