कुकड़ेश्वर। नगर कुकड़ेश्वर में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी गणगौर तीज का पर्व हर्षाेल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। प्रातःकाल से ही महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर ब्राह्मण मंदिर पहुंचीं, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती की गई।
दिनभर मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। स्वर्णकार समाज द्वारा भी गणगौर पर्व श्रद्धा और धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालु दिनभर पूजा-पाठ में लीन रहे।
गणगौर पर्व माता पार्वती (गौरी) और भगवान शिव की आराधना का प्रमुख पर्व माना जाता है। मान्यता है कि माता पार्वती ने कठोर तप कर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। इसी कारण यह पर्व विशेष रूप से महिलाओं द्वारा मनाया जाता है। कुंवारी कन्याएं उत्तम वर की प्राप्ति के लिए तथा विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना से यह व्रत रखती हैं।
शाम के समय गणगौर की आकर्षक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाएं सिर पर गणगौर की प्रतिमाएं धारण कर पूरे नगर में भ्रमण करती हुई भक्ति गीत गाती रहीं। पूरे नगर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
इस प्रकार कुकड़ेश्वर नगर में गणगौर तीज का पर्व आस्था, परंपरा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।