भौरासा। चैत्र शुक्ल तृतीया के पावन अवसर पर नगर में गणगौर पर्व श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। महिलाओं ने अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखा, वहीं कुंवारी बालिकाओं ने मनचाहे वर की कामना से पूजन किया। 16 दिनों तक चले गणगौर पूजन का समापन तृतीया के दिन विधि-विधान के साथ हुआ।
इस मौके पर महेश्वरी समाज द्वारा भव्य चल समारोह (बाना) निकाला गया, जिसमें महिलाएं पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में सजी नजर आईं। पूरे मार्ग में मंगल गीतों की गूंज रही और श्रद्धालुओं ने माता गणगौर (मां पार्वती) एवं भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर परिवार व क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
महेश्वरी धर्मशाला से प्रारंभ हुआ बाना बजाज साहब के चोपड़े तक पहुंचा, जहां विधिवत पूजा-अर्चना एवं गीत-भजन किए गए। इसके बाद पुनः धर्मशाला पहुंचकर कार्यक्रम का समापन किया गया। इस दौरान नवविवाहित महिलाओं का उद्यापन संस्कार भी संपन्न हुआ।
महेश्वरी महिला मंडल की अध्यक्ष प्रेमलता लाहोटी ने बताया कि समाज हर वर्ष हर्षाेल्लास के साथ गणगौर पर्व मनाता है और इस बार भी महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेकर परंपरा को जीवंत बनाए रखा।
इस अवसर पर सचिव विजया बजाज, उपाध्यक्ष अर्पिता चिचाणी, कोषाध्यक्ष बृजबाला हेड़ा, सहसचिव संगीता लाहोटी, प्रचार मंत्री सारिका सारडा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।