मंदसौर। जिले के अंबा जी धाम में इन दिनों अत्यंत भव्य और पावन धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्मलाभ ले रहे हैं।
कथा के दौरान पूज्य गुरुदेव ने अपने प्रवचनों में कहा कि कलयुग में माता-पिता की सेवा ही सच्ची प्रभु सेवा है। यदि व्यक्ति अपने परिवार में सुख, शांति और वैभव चाहता है, तो उसे अपने माता-पिता की सेवा अवश्य करनी चाहिए। उनके आशीर्वाद से चारों धाम के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।
तीसरे दिन के प्रवचन में गुरुदेव ने राजा हरिश्चंद्र की कथा का उल्लेख करते हुए सत्य के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि यह संसार सत्य पर ही टिका हुआ है और जब तक सत्य है, तब तक धर्म जीवित है। झूठ चाहे कितना ही बड़ा क्यों न हो, उसका अंत निश्चित है।
कथा में आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन लगभग 5 से 10 हजार भक्तजन कथा श्रवण के लिए धाम पहुंच रहे हैं। आगामी 24 व 25 मार्च को दिव्य दरबार के साथ निःशुल्क सामूहिक कन्या विवाह का आयोजन होगा, जिसमें 15 कन्याओं का विवाह संपन्न कराया जाएगाकृयह दिन विशेष और ऐतिहासिक माना जा रहा है।
कार्यक्रम में विभिन्न संत-महात्माओं की उपस्थिति भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सेमलिया धाम से पधारे महामंडलेश्वर श्री मधुसूदनानंद जी, तालीदाना गौशाला से श्री नमन जी वैष्णव तथा मोयाखेड़ा से भागवताचार्य श्री कृष्ण देव जी शास्त्री ने अपने आशीर्वचनों से श्रद्धालुओं को धन्य किया।
कार्यक्रम में सभी संतों का समिति द्वारा भव्य स्वागत किया गया। साथ ही सर्व समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन समिति बैहपुर द्वारा भी संतों का सम्मान किया गया। आयोजन में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
तीसरे दिन निंबोद से सैकड़ों भक्तों की भव्य चुनरी यात्रा ढोल-डीजे के साथ धाम पहुंची, जहां माता रानी को चुनरी अर्पित कर श्रद्धा भाव प्रकट किया गया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि समाज को संस्कार, सत्य और सेवा का संदेश भी दे रहा है।