चित्तौड़गढ़। श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय, कल्याण लोक जावदा में सोमवार को शहीद दिवस के अवसर पर भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूमने वाले अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन कैलाश चंद्र मूंदड़ा एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. डॉ. महेश दीक्षित द्वारा किया गया। अतिथियों ने मां सरस्वती, श्री कल्लाजी राठौड़ तथा अमर शहीदों के चित्रों पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया और पुष्प अर्पित किए।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जागा राष्ट्रभक्ति का जज्बा
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत गीतों एवं प्रस्तुतियों के माध्यम से शहीदों को श्रद्धांजलि दी। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों से पूरा परिसर “भारत माता की जय” के उद्घोष से गूंज उठा।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने क्रांतिकारियों के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग सुनाए, जिन्हें सुनकर उपस्थितजन भाव-विभोर हो गए।
मुख्य अतिथि कैलाश चंद्र मूंदड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि शहीद किसी एक धर्म या जाति के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होते हैं। भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का बलिदान हमें राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. डॉ. महेश दीक्षित ने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. स्मिता शर्मा ने किया, जबकि अंत में सहायक आचार्य नटवर भाम्बी ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष, शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।