कंजार्डा। ग्राम भारती द्वारा संचालित स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर में भैया-बहनों के लिए दीक्षांत समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विदाई के साथ-साथ उन प्रतिभावान विद्यार्थियों के सम्मान का अवसर भी बना, जिन्होंने अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों से विद्यालय का गौरव बढ़ाया।
नवोदय व उत्कृष्ट विद्यालय में चयनित विद्यार्थियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की ओर से उन छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। नवोदय विद्यालय में चयनित 3 बहनों तथा उत्कृष्ट विद्यालय में चयनित एक भैया और 2 बहनों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर चयनित विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी सम्मानित कर उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की गई।
मां सरस्वती पूजन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, प्रणवाक्षर और भारत माता के पूजन के साथ हुआ। मुख्य अतिथियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय से प्राप्त संस्कार ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को परिश्रम, अनुशासन और सदाचार के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हुए कहा कि जहां भी जाएं, अपने परिवार और विद्यालय का नाम रोशन करें।
विदाई के क्षण हुए भावुक
दीक्षांत समारोह के दौरान विद्यालय छोड़कर आगे की शिक्षा के लिए जा रहे भैया-बहनों की आंखें नम हो गईं। वर्षों का साथ, गुरुओं का स्नेह और विद्यालय की यादों ने सभी को भावुक कर दिया। कई विद्यार्थियों ने मंच पर आकर अपने अनुभव साझा किए और जीवन में आगे बढ़ते हुए विद्यालय के संस्कारों को याद रखने का संकल्प लिया।
अतिथियों का किया गया सम्मान
यह कार्यक्रम जिला प्रमुख संतोष मेवाड़ा, जिला समिति सदस्य मोतीलाल धाकड़, अभिभावक विनोद मालवीय, हरीश धाकड़, अनिल धाकड़, रामेश्वर राठौर, पप्पू धाकड़ तथा प्रधानाचार्य घनश्याम मालवीय के आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। अतिथि परिचय वर्षा धाकड़ ने कराया तथा कार्यक्रम का संचालन साक्षी मेहता ने किया। महेंद्र भटनागर एवं दीपक बडेरा ने तिलक लगाकर, श्रीफल एवं दुपट्टा भेंट कर अतिथियों का स्वागत-अभिनंदन किया।