प्रतापगढ़। श्री दिवाक माता समिति एवं श्री ब्रह्मज्योति संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे चैत्र नवरात्र महोत्सव के सप्तम दिवस पर दिवाक माता धाम में स्थापित देवी-देवताओं का विधिवत पूजन एवं अभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति से पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
समिति अध्यक्ष नारजी भाई मीणा ने बताया कि मंगलवार को हरियाणा के हिसार से आए भक्त मूल शक्तिपीठ दिवाक माता धाम से अखंड ज्योति लेकर जाएंगे। यह ज्योति हिसार में नवनिर्मित दिवाक माता मंदिर में स्थापित की जाएगी, जो श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगी।
श्री ब्रह्मज्योति वैदिक गुरुकुल प्रतापगढ़ के बटुकों द्वारा शतचंडी महायज्ञ के अंतर्गत विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं। सप्तम दिवस पर दुर्गा सप्तशती के 12 पाठ, नवार्ण मंत्र के सवा लाख जाप, बगलामुखी मंत्र के 12,500 जाप, श्रीसूक्त के 108 पाठ तथा सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के 108 पाठ किए गए।
गुरुकुल के आचार्य पं. दिनेश द्विवेदी के सान्निध्य में भगवती दुर्गा का विशेष आवरण पूजन एवं सहस्त्रार्चन किया गया। रात्रिकालीन अनुष्ठान में बगलामुखी सहस्त्रनाम से हवन भी संपन्न हुआ।
आयोजन समिति के अनुसार अष्टमी तिथि पर गुरुवार शाम 6:40 बजे दिवाक माता जी की भव्य महाआरती होगी, जिसका संचालन अरनोद के पं. सुनील व्यास करेंगे। वहीं वेदाचार्य पं. शुभम शर्मा ने बताया कि अष्टमी के दिन प्रातः 6 बजे विशेष अभिषेक एवं पूजन किया जाएगा।
शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति नवमी तिथि को शुक्रवार को अभिजीत मुहूर्त में विधिवत रूप से संपन्न की जाएगी। आयोजन में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे दिवाक माता धाम आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।