रतलाम। मालवा क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गोठड़ा माताजी के दरबार से वर्ष 2026 के लिए वार्षिक भविष्यवाणियां जारी की गई हैं। इन भविष्यवाणियों में प्राकृतिक आपदाओं, कृषि स्थिति, स्वास्थ्य संकट और वैश्विक परिस्थितियों को लेकर कई महत्वपूर्ण संकेत दिए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं और किसानों में चर्चा का माहौल है।
प्राकृतिक आपदाओं के संकेत-
भविष्यवाणी के अनुसार इस वर्ष अग्नि तत्व का प्रभाव अधिक रहेगा, जिससे आगजनी की घटनाएं बढ़ सकती हैं। मौसम भी अस्थिर रहने की संभावना जताई गई है। वैशाख और भादवा में अच्छी वर्षा के संकेत हैं, जबकि सावन में बारिश कम हो सकती है। वहीं पौष और माघ में मावठा व ओलावृष्टि से रबी फसलों को नुकसान होने की आशंका है। एक बड़े भूकंप की संभावना भी व्यक्त की गई है।
कृषि और बाजार की स्थिति-
कृषि क्षेत्र में मिश्रित परिणाम देखने को मिल सकते हैं। गेहूं और चने की पैदावार अच्छी रहने की उम्मीद है, जबकि सोयाबीन में बीमारियों का खतरा बना रहेगा। लहसुन और प्याज की फसलों में कीट प्रकोप की आशंका है, हालांकि इनके बाजार भाव मजबूत रहने की संभावना जताई गई है। व्यापार के क्षेत्र में लाभ के संकेत हैं, लेकिन महंगाई बढ़ सकती है।
स्वास्थ्य और पशुधन पर असर-
भविष्यवाणी में वैशाख से आषाढ़ और कार्तिक माह के दौरान बीमारियों के फैलने की आशंका जताई गई है। इंसानों के साथ पशुधन पर भी महामारी का खतरा बताया गया है, जिससे पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राजनीतिक और वैश्विक संकेत-
राजनीतिक स्तर पर अस्थिरता और बड़े बदलाव के संकेत दिए गए हैं। वैश्विक स्तर पर तनाव और युद्ध जैसी स्थिति बने रहने की संभावना जताई गई है। एक बड़ी सैन्य घटना या विस्फोट का भी उल्लेख किया गया है।
धार्मिक उपाय और सुझाव-
माताजी ने संकट से बचाव के लिए धार्मिक उपाय अपनाने की सलाह दी है। कृषि कार्यों के लिए तेरस मंगलवार को शुभ मुहूर्त बताया गया है। इस दौरान नई मशीनरी खरीदने से बचने की बात कही गई है। हवन, अभिषेक और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के साथ गौ-रक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया है।
यह भविष्यवाणी आने वाले समय के प्रति सतर्क रहने और संतुलित जीवनशैली अपनाने का संदेश देती है।