चित्तौड़गढ़। वीरभूमि चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक सुभाष चौक पर शुक्रवार को आयोजित 'श्री राम जन्मोत्सव भव्य संगम - धर्मसभा' में श्रद्धालुओं और युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जिले के मंत्री चंद्र शेखर सोनी के अनुसार इस भव्य धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, मातृशक्ति और युवा साथियों सहित गणमान्य लोग शामिल हुए।
मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ-
विश्व हिंदू परिषद के नगर सह मंत्री सुमित हेड़ा ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विहिप के प्रांत सह मंत्री युधिष्ठिर सिंह और विशिष्ठ अतिथि बजरंग दल के प्रांत संयोजक योगेश रेनवाल, जिला अध्यक्ष किशन पिछोलिया, राजस्थान क्षेत्र संयोजिका लता पांडिया, विभाग मंत्री विश्वनाथ टांक और कार्यक्रम अध्यक्ष अर्जुन मूंदड़ा की उपस्थिति में दीप प्रज्वलित कर भगवान श्रीराम के चित्र के समक्ष कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
भगवान श्रीराम के आदर्शों पर आधारित उद्बोधन-
मुख्य वक्ता योगेश रेनवाल ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन केवल कथा नहीं बल्कि सत्य, मर्यादा और कर्तव्य का मार्ग है। उन्होंने संघ के पंच परिवर्तन संकल्प पर भी प्रकाश डाला। प्रांत सह मंत्री युधिष्ठिर सिंह ने रामायण के पात्रों द्वारा निभाए गए कर्तव्यों का उल्लेख करते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा दी।
दुर्गा वाहिनी का प्रेरक प्रदर्शन-
नगर मंत्री अभिनंदन काबरा ने बताया कि मुख्य वक्ता के उद्बोधन के पश्चात दुर्गा वाहिनी की बहनों ने नि:युद्ध का जोरदार प्रदर्शन प्रस्तुत किया, जिससे पूरे पंडाल में तालियों की गूँज फैली।
सामूहिक हनुमान चालीसा और महाआरती से भक्तिमय माहौल-
धर्मसभा का मुख्य आकर्षण सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ रहा, जिसमें हजारों कंठों से निकलती स्वर लहरियों ने वातावरण को ऊर्जावान बना दिया। इसके बाद आयोजित 'भव्य महाआरती' ने पूरे सुभाष चौक को दीपों की रोशनी और जय श्रीराम के जयघोष से जगमगा दिया।
युवा और समाज को जोड़े रखने का संदेश-
विभाग संयोजक योगेश दशोरा ने बताया कि इस भव्य संगम का उद्देश्य समाज में एकता स्थापित करना और युवाओं को सनातन संस्कृति एवं प्रभु श्रीराम के आदर्शों से जोड़ना है। वक्ताओं ने समाज को एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
महाप्रसाद वितरण और समापन-
कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। जिला संयोजक मनोज साहू ने जिला प्रशासन, पुलिस बल, स्वयंसेवकों और प्रबुद्ध नागरिकों का आभार व्यक्त किया। अंत में 'जय श्रीराम' के गगनभेदी जयघोष के साथ धर्मसभा का भव्य समापन हुआ।
मुख्य उपस्थित कार्यकर्ता और पदाधिकारी-
अनिल चतुर्वेदी, मनोज सोनी, मदन त्रिपाठी, मुकेश नाहटा, अनुज, संगीता ओझा, मंजू लता जोशी, शिवानी साहू, सपना कीर, कैलाश जाट, गोपाल छिपा, सागर व्यास, बबलेश शर्मा, राकेश खाब्या, प्रकाश वैष्णव, विक्रम गवारिया, हीरा लाल भोई, दिलीप जोशी, विनोद पटवा, दीपक वर्मा, जय वाघेला, अंकित सोनी, अंकुर सिंह, कान सिंह, विजय जागेटिया, प्रेम लड़ा, बलराम मूंदड़ा, महावीर भड़कतिया, महावीर किर, जोध सिंह, शुभम छिपा, अशोक सेन, शुभम न्याति।
सत्संग प्रमुख प्रीति मीणा, बाल संस्कार केंद्र प्रमुख आरुषि पंड्या, रिया चौबीसा, आरती प्रजापत, विधि सेन, कोमल गुप्ता, सलोनी रावल, प्राची डांगी, शानू पाराशर, काजल खटीक, कृष्णा भील, निशि सेन, कामाक्षी सारस्वत, जिया डांगी, समृद्धि सोनी, सिया डांगी, काव्या प्रजापत, दिव्या प्रजापत आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।