प्रतापगढ़। शहर के ईदगाह मैदान में अंजुमन फुरकानिया के बैनर तले 15वां इज्तिमाई शादी सम्मेलन रविवार को भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में 27 जोड़ों का सामूहिक निकाह पढ़ाया गया और उन्हें नए जीवन की शुरुआत के लिए विदा किया गया। कार्यक्रम अंजुमन के सदर खानशेद खान एवं इज्तिमाई शादी सम्मेलन के अध्यक्ष वजीर मोहम्मद के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
इस अवसर पर समाज में बढ़ती फिजूलखर्ची पर रोक लगाने और अमीर-गरीब के बीच की खाई को कम करने का संदेश दिया गया। आयोजकों ने सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा देने तथा कर्ज लेकर शादी जैसे बोझ से बचने की अपील की।
कार्यक्रम में शहर काजी जफर शेख की सदारत में हाफिज मुजफ्फर, मौलाना निजाम, हाफिज शहादत, हाफिज रमजान सहित दो दर्जन से अधिक हाफिज व मौलानाओं ने निकाह की रस्म अदा कराई। सम्मेलन में जिले सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए जोड़ों ने भाग लिया।
सम्मेलन के दौरान नवविवाहित जोड़ों के लिए लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया, जिसमें फ्रिज, कूलर, पंखे सहित अन्य उपयोगी घरेलू सामान उपहार स्वरूप प्रदान किए गए। इसके अलावा सभी जोड़ों को गृहस्थी बसाने के लिए आवश्यक सामग्री भी अंजुमन की ओर से दी गई।
कार्यक्रम में आए परिजनों एवं मेहमानों के लिए भोजन और ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई थी। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग पांडाल बनाए गए, जिससे आयोजन सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर पूर्व विधायक रामलाल मीणा ने उपस्थित होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया तथा उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। उन्होंने अंजुमन फुरकानिया के इस सामाजिक प्रयास की सराहना की।
संजीवनी सेवा संस्था का सहयोग
सम्मेलन में यह घोषणा की गई कि संजीवनी सेवा संस्था के तत्वावधान में नवदंपतियों को निशुल्क ‘लाडली भूखंड योजना’ का लाभ प्रदान किया जाएगा, जिससे उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
जिला सदर खानशेद खान ने बताया कि यह 15वां सम्मेलन है और इससे पूर्व 14 सफल आयोजन किए जा चुके हैं। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि आगामी 12 अप्रैल 2026 को मध्यप्रदेश के नीमच जिले में भी इसी प्रकार का इज्तिमाई शादी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए प्रतापगढ़ की अंजुमन को औपचारिक निमंत्रण प्राप्त हुआ है।
समापन
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सामाजिक एकता को मजबूत करना, फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाना तथा जरूरतमंद परिवारों को सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर प्रदान करना रहा, जो सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ।