मनासा। मंदिरों की नगरी मनासा में गुरुवार से आध्यात्मिक उत्सव का शुभारंभ हो गया। श्रद्धालुओं के उत्साह और सहयोग से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव का भव्य आगाज हुआ। कथा के प्रथम दिन पूरा क्षेत्र भक्ति, भजनों और जयकारों से गुंजायमान रहा।
रौनक कृष्ण जी की अमृतवाणी-
कथा के मुख्य वक्ता प्रख्यात कथावाचक रौनक कृष्ण ने अपने प्रवचनों में श्रीमद्भागवत के महात्म्य का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल श्रवण का विषय नहीं, बल्कि उसे जीवन में उतारना ही सच्ची साधना है। भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं को जीवन को सार्थक बनाने की प्रेरणा दी।
भव्य कलश यात्रा से हुआ शुभारंभ-
कथा प्रारंभ होने से पूर्व नगर के प्रमुख मार्गों से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर भाग लिया। ढोल-नगाड़ों और पुष्प वर्षा के साथ व्यासपीठ का पूजन कर कथा का विधिवत शुभारंभ किया गया।
सात दिनों तक चलेगा धार्मिक आयोजन-
आयोजकों के अनुसार यह धार्मिक अनुष्ठान 9 अप्रैल से 15 अप्रैल तक निरंतर आयोजित होगा। कथा के दौरान भगवान के विभिन्न अवतारों, कृष्ण जन्मोत्सव एवं सुदामा चरित्र जैसे प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।
समाजजनों की रही सक्रिय भागीदारी-
कलश यात्रा में घाणावार तेली समाज के वरिष्ठ समाजसेवी रमेशचंद्र वाथरा, गोपाल राठौर, गोपाल हाड़ा, युवा अध्यक्ष भूपेश राठौर सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
श्रद्धालुओं से अपील-
आयोजकों ने नगर एवं क्षेत्र के धर्मप्रेमी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है। वार्ड क्रमांक 2 के पार्षद प्रतिनिधि दिनेश राठौर ने बताया कि यह श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव स्वर्गीय राधेश्याम माद्रया की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है।