चित्तौड़गढ़। साइबर थाना पुलिस ने “म्यूल हंटर” अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी की राशि को बैंक खातों में प्राप्त कर निकालने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खातों में लाखों रुपये की साइबर ठगी की राशि का लेन-देन सामने आया है।
जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम एवं तकनीकी सेवाएं राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार संदिग्ध बैंक खातों पर प्रभावी कार्रवाई हेतु विशेष अभियान “म्यूल हंटर” चलाया जा रहा है।
अभियान के तहत प्राप्त सूची में एक एसबीआई बैंक खाते की जांच की गई, जिसमें दिल्ली साइबर पुलिस स्टेशन नॉर्थ वेस्ट में दर्ज शिकायत से जुड़ा मामला पाया गया। जांच में 23.01.2025 को 78,000 रुपये की ठगी राशि खाते में जमा होने की पुष्टि हुई।
जांच के दौरान पाया गया कि खाते का संचालन मुकेश दास वैष्णव (32 वर्ष), निवासी सुरताखेड़ा, थाना आकोला, जिला चित्तौड़गढ़ द्वारा किया जा रहा था। पूछताछ में सामने आया कि खाते में जमा राशि को उसी दिन चेक के माध्यम से निकाला गया और आगे भगवती लाल जाट को दिया गया।
इसके बाद इसी खाते में 3,00,000 रुपये की राशि पुनः जमा हुई, जिसे भी आरोपी ने चेक के माध्यम से निकालकर संबंधित व्यक्ति को सौंप दिया। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी आपस में मिलकर सुनियोजित तरीके से साइबर ठगी की राशि निकालने का कार्य कर रहे थे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह के सुपरविजन में गठित टीम ने तकनीकी विश्लेषण एवं जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय से रिमांड प्राप्त किया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि मुकेश दास वैष्णव के खाते में लगभग 5,23,000 रुपये तथा भगवती लाल जाट के खाते में 5,37,233 रुपये की साइबर ठगी की राशि जमा हुई थी। यह राशि आगे अन्य सहयोगियों को कमीशन के रूप में दी गई।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों द्वारा साइबर फ्रॉड की राशि को अपने खातों में प्राप्त कर, कमीशन लेकर शेष राशि अन्य साथियों तक पहुंचाने का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। मामले में गहन जांच जारी है।