चित्तौड़गढ़। गौ माता को राष्ट्रमाता एवं गो हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए संतो के सानिध्य में ज्ञापन दिया गया। इससे पूर्व रैली के रूप में संतों के सानिध्य में बड़ी संख्या में गोभक्तों और गोसेवकों ने सुभाष चौक से कलेक्ट्रेट चौराहा पहुंचकर राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री , राज्यपाल वी मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन में 40 मांगों के साथ चित्तौड़ तहसील से 21000 हस्ताक्षर के प्रार्थना पत्र एसडीएम कार्यालय पर संतो के माध्यम से प्रस्तुत किए। संतों और गोसेवकों ने एक स्वर में कहा कि इस अभियान का उद्देश्य गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करवाना और गोवर्धन संस्कृति के संरक्षण के लिए ठोस सरकारी नीतियां बनवाना है। उपस्थित संतों ने सरकार से आग्रह किया कि गौ रक्षा के लिए केन्द्रीय कानून बनाया जाए, गोहत्या और गोतस्करी में लिप्त अपराधियों को आजीवन कारावास का प्रावधान हो तथा जब्त किए गए वाहनों को गोशालाओं के उपयोग में लाया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने मांग की कि गोबर और गोमूत्र पर आधारित अनुसंधान विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएं, पंचगव्य औषधियों का आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में निरूशुल्क वितरण किया जाए तथा सरकारी भवनों में गोबर पेंट और गौनाइल का उपयोग अनिवार्य किया जाए। गौशालाओं को मनरेगा से जोड़ा जाए, बिजली बिल में छूट मिले और निराश्रित गौवंश की सेवा के लिए चारे की उचित व्यवस्था हो। इसके साथ और कहीं अन्य महत्वपूर्ण बिंदु को जोड़ा गया एवं यदि अपेक्षित उत्तर न मिला, तो 27 जुलाई को पुनः पूरे चित्तौड़गढ़ जिले से लाखों की संख्या में गो भक्त एकत्रित होंगे चरणबद्ध रूप से यह प्रक्रिया दोहराई जाएगी।
गो सम्मान आह्वान अभियान के जिला सयोजक गौरव सोमानी ने बताया की सुभाष चौक से प्रातः 9.30 बजे रैली का संतो के आह्वान से आरंभ किया गया अभियान पूरी तरह अहिंसक रहा , इसमें केवल संकीर्तन, प्रार्थना और जनजागरण के माध्यम से संदेश दिया। संतो मे संत दिग्विजय राम, मूंगाना धाम के अनुज दास ,रामपाल दास , महंत शिवरामदास महाराज (त्यागी)खेरी आश्रम, सावा गौशाला राघवनाथ सरकार , संत विनोदचंद्र यति आदि संत उपस्थित थे। सभी धर्म लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया एवं विश्वास दिलाया भविष्य में गौ माता के सम्मान के लिए सभी समरसता से एक होकर एकता का परिचय देंगे । मातृशक्ति का विशेष योगदान रहा । डॉ सुशीला लड्डा ने सभी का आभार व्यक्त किया।