मनासा। आज दिगंबर जैन मुनि श्री 1008 प्राणमय सागर जी महाराज का लगभग दस वर्षों के पश्चात मनासा नगर में पुनः मंगल प्रवेश हुआ। प्रातः लगभग साढ़े आठ बजे यतिजी की छत्री, मनासा से गुरुदेव का मंगल प्रवेश प्रारंभ हुआ, जो धूबी गली दिगंबर जैन मंदिर से रानी लक्ष्मीबाई मार्ग होते हुए वर्धमान धर्मशाला पहुंचा। मार्ग में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं समाजजनों ने गुरुदेव का भावपूर्ण स्वागत एवं वंदन किया।
वर्धमान धर्मशाला में प्रातः नौ बजे आयोजित प्रवचन सभा में मुनिश्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए “जैन अहिंसा परमो धर्म” के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने भगवान महावीर स्वामी जी द्वारा बताए गए सत्य, अहिंसा एवं संयम के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मनासा क्षेत्र के विधायक अनिरुद्ध माधव मारू ने भी पहुंचकर गुरुदेव की वंदना कर आशीर्वाद प्राप्त किया समाज के अध्यक्ष शिखरचंद जैन, श्वेतांबर जैन समाज के अध्यक्ष प्रकाशचंद हिंगड़, पप्पू गांधी, अरविंद गोटा, मनोज गांधी, अनिल यति, नितेश गांधी, प्रमोद गांधी, अंकित जैन, ललिन गांधी सहित समाज के अनेक वरिष्ठजन, युवा एवं नारीशक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित रहे पूरे नगर में गुरुदेव के मंगल प्रवेश को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह एवं श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला।