नीमच। निर्माण क्षेत्र में लागत बढ़ोतरी को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। एएसी ब्लॉक एसोसिएशन से जुड़ा डिलाइट ब्लॉक का एक पोस्टर वायरल होने के बाद पूरे सेक्टर में हलचल मच गई है। पोस्टर में रेट बढ़ाने की बात सामने आने से ठेकेदारों और बिल्डरों में चिंता बढ़ गई है, वहीं इस मुद्दे पर 31 मई को उज्जैन में आपात बैठक भी बुलाई गई है।
पोस्टर में बताया गया है कि कच्चे माल और ऊर्जा की लागत में लगातार बढ़ोतरी के कारण सभी एएसी ब्लॉक वेरिएंट्स की कीमतों में बदलाव करना आवश्यक हो गया है। बताया गया है कि यह नई दरें 1 जून 2026 से लागू की जाएंगी और इस तारीख से पुराने कोटेशन एवं स्वीकृत परचेज ऑर्डर (पीओ) रद्द माने जाएंगे।
जानकारी के अनुसार फ्लाई ऐश की कीमतों में भारी बढ़ोतरी, पेट कोक रेट में उतार-चढ़ाव, सीमेंट व एल्यूमिनियम की बढ़ती कीमतों तथा डीजल महंगा होने के कारण उत्पादन लागत में बड़ा इजाफा हुआ है। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि पहले जिन दरों पर सामग्री उपलब्ध होती थी, उनमें अब कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
इसी मुद्दे को लेकर एएसी ब्लॉक एसोसिएशन मध्यप्रदेश की आपात बैठक भी बुलाई गई है, जो 31 मई को उज्जैन के होटल राजमल में प्रस्तावित है। बैठक में रेट संशोधन और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। इस पूरे मामले पर एसोसिएशन से जुड़े एक बड़े प्लेयर रॉकी अग्रवाल ने बताया कि उत्पादन लागत में लगातार बढ़ोतरी के कारण अब रेट बढ़ाना मजबूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि फ्लाई ऐश, पेट कोक, सीमेंट और ट्रांसपोर्टेशन की लागत में भारी उछाल आया है, जिससे उत्पादन लागत असंतुलित हो गई है।
रॉकी अग्रवाल ने यह भी बताया कि बीते कुछ महीनों में रेट में लगातार बदलाव हो रहे हैं और कई बार 300 से 500 रुपये प्रति यूनिट तक का असर देखने को मिला है। साथ ही डीजल और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों ने भी दबाव बढ़ा दिया है।
बताया जा रहा है कि प्रस्तावित नई दरों में लगभग 100 रुपये प्रति क्यूबिक मीटर की बढ़ोतरी की जा सकती है। हालांकि फिलहाल उद्योग नो प्रॉफिट नो लॉस की स्थिति में काम कर रहा है।
वायरल पोस्टर के बाद ठेकेदारों और बिल्डरों में चिंता बढ़ गई है क्योंकि रेट बढ़ोतरी का सीधा असर निर्माण लागत पर पड़ेगा। वहीं 31 मई की बैठक को इस पूरे विवाद का अहम मोड़ माना जा रहा है। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि बाजार में अनिश्चितता का माहौल है और अगर नई दरें लागू होती हैं तो कई पुराने कॉन्ट्रैक्ट प्रभावित हो सकते हैं।