पिपलिया रावजी/मनासा। शासकीय माध्यमिक विद्यालय पिपलिया रावजी के प्रधानाध्यापक रामनारायण चंदेल शिक्षा विभाग में 43 वर्षों की सेवा पूर्ण कर 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त हुए। इस अवसर पर विद्यालय परिवार की ओर से भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में शिक्षा जगत से जुड़े अधिकारियों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने शामिल होकर चंदेल के सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र की रियासत के राजा रावत दिग्विजय सिंह, ग्राम पंचायत पिपलिया रावजी की सरपंच किरण कुंवर भाटी, सरपंच प्रतिनिधि लोकेन्द्र सिंह भाटी, उपसरपंच बी.एल. दमामी, जिला पंचायत सदस्य श्याम वसीठा, ग्राम पंचायत अल्हेड़ के पूर्व सरपंच जगदीश वीरवाल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी बी.एल. जावरिया, बीआरसी केंद्र प्रभारी राजेंद्र कुणेचा, संकुल प्राचार्य साधना सोनी, प्रभारी प्राचार्य के.के. धनगर एवं ममता देवी चंदेल सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में माध्यमिक विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों का पुष्पमालाओं से आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। विदाई समारोह को शिक्षक विक्रम सिंह शक्तावत, शिक्षक शिवचरण गुर्जर, पूर्व जनशिक्षा केंद्र प्रभारी मनासा दिनेश साखंला, प्राचार्य के.के. धनगर, विकासखंड शिक्षा अधिकारी बी.एल. जावरिया, बीआरसी प्रभारी राजेंद्र कुणेचा, संकुल प्राचार्य साधना सोनी, सरपंच प्रतिनिधि लोकेन्द्र सिंह भाटी एवं राकेश सांवरिया धरियावद सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि रामनारायण चंदेल ने अपने सेवाकाल में विद्यालय के विकास तथा छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास में अनुकरणीय योगदान दिया। उनकी कर्तव्यनिष्ठा, सरल व्यवहार और विद्यालय के प्रति समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा। अतिथियों ने उनके सेवाकाल को सराहनीय एवं यादगार बताया। समारोह का संचालन शिक्षक सुरेश कुमार आर्य ने किया। उन्होंने सम्मान पत्र का वाचन कर चंदेल को भेंट किया। आभार शिक्षक सुरेश चौधरी ने व्यक्त किया।
भावुक हुए गुरुजी, सेवाकाल की गलतियों के लिए मांगी क्षमा
विदाई समारोह में प्रधानाध्यापक रामनारायण चंदेल भी भावुक हो गए। उन्होंने रुंधे गले से ग्राम पिपलिया रावजी के प्रबुद्ध नागरिकों एवं विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सेवाकाल के दौरान जाने-अनजाने हुई किसी भी गलती के लिए क्षमा मांगते हुए सभी से मिले सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद दिया।
बच्चों की भावुक चिट्ठियों ने किया सभी को भाव-विभोर
समारोह में एक भावुक कर देने वाला पल उस समय आया, जब विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपने गुरुजी के लिए मन की भावनाओं को चिट्ठियों में लिखकर उन्हें भेंट किया। बच्चों की भावपूर्ण चिट्ठियां देखकर उपस्थित लोगों की आंखें भी नम हो गईं। विद्यार्थियों ने अपने गुरु के प्रति सम्मान एवं स्नेह व्यक्त करते हुए उनके सुखद भविष्य की कामना की।
सेवानिवृत्ति के दिन भी शाला के प्रति निभाई जिम्मेदारी
रामनारायण चंदेल ने अपनी सेवानिवृत्ति को यादगार बनाते हुए विद्यालय के प्रति अपने स्नेह और समर्पण का परिचय दिया। उन्होंने अपनी ओर से विद्यालय परिसर में एक मंच का निर्माण करवाकर शाला को समर्पित किया। उनके इस सेवाभावी कदम पर सरपंच प्रतिनिधि लोकेन्द्र सिंह भाटी एवं समस्त विद्यालय परिवार ने उनका आभार व्यक्त किया।
ढोल-नगाड़ों के साथ खुली जीप में निकली विदाई रैली
विदाई समारोह के बाद साथी शिक्षकों ने चंदेल को खुली जीप में सवार कर ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच भव्य विदाई रैली निकाली। रैली विद्यालय परिसर से शुरू होकर भादवा माता बर्डिया चौराहा, सदर बाजार, महाराणा प्रताप चौक, रेगर मोहल्ला होते हुए अल्हेड़ फंटा, मोरवन फंटा और राम-जानकी मंदिर पहुंची।
रैली के दौरान जगह-जगह ग्रामीणों एवं शुभचिंतकों ने चंदेल का आत्मीय स्वागत किया। कई स्थानों पर उन्हें साफा बांधकर एवं पुष्पमालाओं से अभिनंदन किया गया। रैली उनके गृह निवास पहुंची, जहां परिजनों एवं शुभचिंतकों ने सभी का आत्मीय स्वागत किया तथा उपस्थित लोगों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई।
परिवार की मौजूदगी में हुआ आत्मीय सम्मान
इस भावुक एवं गौरवपूर्ण विदाई समारोह में चंदेल का पूरा परिवार भी पिपलिया रावजी पहुंचा। इस दौरान राजा रावत दिग्विजय सिंह ने उनके परिजनों- धर्मपत्नी ममता देवी चंदेल, बड़े भाई, बेटी-दामाद, पुत्र-पुत्रवधू, समधी एवं नाती-पोतों से आत्मीय मुलाकात कर परिचय प्राप्त किया।
इस अवसर पर माध्यमिक विद्यालय परिवार की ओर से स्नेह भोज का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों, शिक्षक साथियों, अतिथियों, गणमान्य नागरिकों एवं अन्य आगंतुकों ने सहभागिता की। सभी ने चंदेल के सुखद, स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।
कार्यक्रम में किशनलाल मालवीय, पुष्कर राज मीणा, पवन कृपलानी, रवि पाटीदार, रीना मालवीय सहित जालीनेर, उचेड़, पिपलिया रुंडी, अल्हेड़ एवं संकुल केंद्र से अनेक शिक्षक साथी उपस्थित रहे। मनासा, अल्हेड़, सरवानिया महाराज, नीमच, बावल, नाहरगढ़, नंदावता एवं धरियावद से भी रिश्तेदार एवं शुभचिंतक समारोह में शामिल हुए।