चित्तौड़गढ़। आगामी नगर परिषद चुनाव को लेकर चित्तौड़गढ़ के कुमावत समाज में प्रमुख राजनीतिक दलों भाजपा और कांग्रेस के प्रति नाराजगी सामने आई है। समाज के प्रबुद्धजनों एवं प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद क्षेत्र में समाज की बड़ी आबादी और सक्रिय राजनीतिक सहभागिता के बावजूद दोनों प्रमुख दलों की ओर से समाज को अपेक्षित राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं दिया जा रहा है।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि चुनाव के दौरान टिकट वितरण में कुमावत समाज की अनदेखी की जाती है। इसके साथ ही जिला स्तर के राजनीतिक संगठनों एवं कार्यकारिणियों में भी समाज के कार्यकर्ताओं को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से नाराजगी बढ़ रही है।
चुनाव के समय ही याद करने का लगाया आरोप-
कुमावत समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि समाज को केवल चुनाव के समय वोट बैंक के रूप में देखने की राजनीतिक प्रवृत्ति अब स्वीकार्य नहीं है। उनका आरोप है कि लंबे समय से समाज की मांगों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई, जिससे समाज के युवाओं और बुजुर्गों में भी नाराजगी बढ़ी है।
एकजुट होकर राजनीतिक फैसला लेने की चेतावनी-
समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि राजनीतिक दलों ने अपनी कार्यशैली में बदलाव नहीं किया और संगठन से लेकर चुनावी प्रतिनिधित्व तक समाज को उसका उचित स्थान एवं सम्मान नहीं दिया, तो आगामी नगर परिषद चुनाव में कुमावत समाज सामूहिक रूप से राजनीतिक निर्णय लेने पर विचार करेगा।
प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि समाज की उपेक्षा जारी रहने की स्थिति में चुनाव में अपनी एकजुटता और राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने दोनों प्रमुख दलों को समाज की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की चेतावनी भी दी।