जावरा। श्री बलराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर श्री धाकड़ युवा संघ जावरा एवं समस्त धाकड़ समाज क्षेत्र जावरा के तत्वावधान में बुधवार को भव्य चल समारोह एवं हरियाली कलश यात्रा का आयोजन किया गया। गीता भवन से प्रारंभ हुई इस यात्रा में हजारों की संख्या में समाजजन शामिल हुए। यात्रा के दौरान पूरा जावरा नगर भगवामय नजर आया और “जय धाकड़ समाज” एवं भगवान बलराम के जयकारों से नगर गूंज उठा।
हरियाली कलश यात्रा इस आयोजन का विशेष आकर्षण रही। समाज की माता-बहनों ने सिर पर कलश के रूप में पौधे लेकर यात्रा में सहभागिता की और पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली का अनूठा संदेश दिया। समाज द्वारा पौधे को कलश के रूप में शामिल कर लोगों को प्रकृति संरक्षण और अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए प्रेरित किया गया।
यात्रा में भगवान धरणीधर बलराम जी की भव्य भाव प्रतिमा एवं आकर्षक झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसके साथ ही बैंड-बाजे, डीजे, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक धुनों के बीच समाजजन उत्साहपूर्वक शामिल हुए। यात्रा में गुरुमुखानंद जी की प्रतिमा भी विराजित रही। वहीं गुरु हीरानंद जी महाराज बग्गी में विराजित होकर यात्रा में शामिल हुए और मार्ग में श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया।
गीता भवन से प्रारंभ हुई हरियाली कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर सामाजिक संगठनों, नागरिकों एवं नगरवासियों द्वारा यात्रा का पुष्पवर्षा एवं आत्मीय स्वागत किया गया। जगह-जगह भगवान बलराम की झांकी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
यात्रा के दौरान जावरा का वातावरण पूरी तरह धार्मिक एवं उत्सवी नजर आया। समाज के युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। भगवा ध्वजों से सजा नगर और गूंजते जयकारों ने पूरे आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।
हरियाली कलश यात्रा नगर भ्रमण के पश्चात न्यू धाकड़ धर्मशाला पहुंची, जहां भगवान बलराम जी की विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक महाआरती की गई। महाआरती के पश्चात समाजजनों के लिए महाप्रसादी एवं भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजनों ने प्रसादी ग्रहण की।
श्री बलराम जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित इस भव्य आयोजन ने जहां समाज की एकता, संस्कृति और आस्था को प्रदर्शित किया, वहीं हरियाली कलश यात्रा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायी संदेश भी पूरे नगर तक पहुंचाया। हजारों समाजजनों की सहभागिता ने आयोजन को ऐतिहासिक एवं यादगार बना दिया।