चित्तौड़गढ़। प्रताप नगर स्थित ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र पर शिक्षक दिवस हर्षाेल्लास और उमंग-उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सेवा केंद्र संचालिका राजयोगिनी आशा दीदी ने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गुरु के जीवन में महत्व और भूमिका को समझाया।
आशा दीदी ने कहा कि शिक्षक दिवस विद्यार्थियों द्वारा अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। शिक्षक अपने ज्ञान और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि संसार में अनेक शिक्षक हमें लौकिक शिक्षा प्रदान करते हैं, लेकिन आध्यात्मिक दृष्टि से परमपिता परमात्मा शिव सर्वाेच्च शिक्षक हैं। परमात्मा शिव आत्मिक ज्ञान और राजयोग की शिक्षा देकर मनुष्य की आंतरिक चेतना को जागृत करते हैं तथा श्रेष्ठ जीवनशैली का मार्ग दिखाते हैं।
उन्होंने बताया कि राजयोग के अभ्यास से आत्मिक शुद्धता और दैवी गुणों का विकास होता है। परमात्मा की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने से शांति, प्रेम, पवित्रता, शक्ति और सद्भावना जैसे गुण विकसित होते हैं।
इस अवसर पर सेवा केंद्र में उपस्थित भाई-बहनों ने सर्वाेच्च शिक्षक परमपिता परमात्मा शिव के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और उनकी शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का वातावरण उमंग, उत्साह, आध्यात्मिकता और कृतज्ञता से परिपूर्ण रहा।