खरगोन। जिले की तहसील गोगावां के ग्राम पंचायत बिजल गांव में बलाई समाज द्वारा गुरु परंपरा और आस्था के तहत धार्मिक आयोजन किया गया। इसमें बलाई समाज के सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरु के दर्शन कर अपनी मन्नतें पूरी होने पर आभार व्यक्त किया और गुरु का आशीर्वाद लिया।
बलाई समाज में गुरु परंपरा का विशेष महत्व माना जाता है। समाज के लोगों का कहना है कि ष्गुरु बिना गति नहींष् और इसी आस्था के साथ श्रद्धालु गुरु की शरण में पहुंचते हैं। श्रद्धालु संतान प्राप्ति, बीमारी से सुधार सहित विभिन्न मनोकामनाओं को लेकर गुरु के समक्ष मन्नत लेते हैं। मन्नत पूरी होने के बाद श्रद्धालु गुरु के दर्शन करने और आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं।
श्रद्धालुओं ने बताया कि गुरु की दीक्षा और आज्ञा का पालन करने से जीवन में सकारात्मकता आती है। गुरु के माध्यम से समाज के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का कार्य भी होता है। गुरु भाई-बहन आपस में एक-दूसरे के सुख-दुख की जानकारी लेते हैं और जरूरत के समय मदद करते हैं। इससे समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सहयोग की भावना मजबूत होती है।
समाजजनों के अनुसार गुरु परंपरा के माध्यम से हजारों-लाखों शिष्यों को एक सूत्र में जोड़कर समाज के कल्याण और एकता का संदेश दिया जाता है। बिजल गांव में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर गुरु के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
कार्यक्रम में बलाई समाज अध्यक्ष पंढरी निरगुड़े, जयराम सोलंकी, बद्री धारे, मोहन सांवले, ट्रेलर सहित बड़ी संख्या में समाजजन और श्रद्धालु मौजूद रहे।