नीमच। मनासा तहसील के गांव खानखेड़ी में 02 दिसम्बर को हुई मारपीट की घटना को लेकर आक्रोशित राष्ट्रीय परशुराम सेना एवं ग्रामीणों ने आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन दिया और दोषियों पर कार्यवाई की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 02 दिसम्बर को ओमप्रकाश पिता भेरुलाल नागदा एवं पुष्कर पिता ओमप्रकाश नागदा निवासी ग्राम खानखेडी के साथ गांव के सरपंच एवं उनके करीब 10-12 साथियों ने राजनैतिक द्वेषता से जबरन मारपीट करते घायल कर दिया।
ज्ञापन में मांग की गई कि-
1- संपूर्ण विवाद में आरोपीगण की संख्या करीब 10-12 व्यक्तियों की थी, किन्तु आरोपीगण से मेल मिलावट करते पुलिस थाना कुकडेश्वर के द्वारा आरोपीगण की संख्या कम करके मात्र 5 लोगों को आरोपी बनाया गया है और गंभीर मारपीट करने वाले आरोपीगण को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे समाजजनों मे गंभीर आक्रोश है, ऐसे अपराधियों को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार किया जावे।
2- आरोपी गांव का सरपंच होकर राजनैतिक प्रभाव का व्यक्ति है, उपरोक्त प्रकरण मे भी आरोपी सरपंच द्वारा अपने राजनैतिक प्रभाव एवं धन एवं ताकत के बल पर पुलिस थाना कुकडेश्वर से मेल, मिलावट करते जबरन क्रॉस कायमी करवाई गई है, जबकि फरियादी पक्ष ओमप्रकाश पिता भेरुलाल नागदा गंभीर रुप से घायल होकर वर्तमान में नीमच अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। इन परिस्थितियों मे भी पुलिस कुकड़ेश्वर के द्वारा क्रॉस कायमी करके प्रकरण को कमजोर किया गया है तथा पुलिस कुकड़ेश्वर द्वारा निष्पक्ष रुप से कोई जांच नही की गई है। उक्त प्रकार की कार्यशैली पुलिस कुकडेश्वर की लापरवाही को प्रदर्शित करती है।
3- आरोपी सरपंच के साथ घटना के समय आपराधिक प्रवृत्ति के लोग भी शामिल थे, जिसमें मुख्य रूप से मुकेश पिता बंशीलाल प्रजापत निवासी खानखेडी मौके पर उपस्थित होकर घटना में शामिल था, जिसके उपर वर्तमान मे धारा 302 भादवि का प्रकरण विचाराधीन है, किन्तु पुलिस कुकडेश्वर के द्वारा उक्त व्यक्ति को उपरोक्त प्रकरण में आरोपी नही बनाया गया है। उक्त प्रकार की कार्यशैली, पुलिस कुकड़ेश्वर की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाती है।
4- घटना के दो दिन पहले भी गांव के सरपंच द्वारा गाँव मे लड़ाई, झगड़ा किया गया है, जिसके वीडियो भी पुलिस कुकडेश्वर को ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध करवाए गए है तथा उक्त व्यक्ति द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गांव मे जबरन फेलाई जा रही अराजकता एवं दहशत से पुलिस प्रशासन को अवगत कराया है एवं साथ ही यह भी ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि उक्त व्यक्ति का गांव मे आतंक होने से कोई भी साधारण व्यक्ति इसके विरुद्ध शिकायत करने से डरता है, किन्तु समस्त परस्थितियों से अवगत होने के बाद भी पुलिस कुकडेश्वर के द्वारा पीडित पक्षकार के साथ ही दुर्व्यवहार किया गया है और जबरन डरा, धमकाकर उपरोक्त प्रकरण मे मनमाफिक कार्यवाही की गई है। पुलिस प्रशासन की उक्त प्रकार से की गई कार्यवाही, उसकी कार्यशैली एवंप्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाती है। उक्त आरोपी सरपंच एवं उसके परिजनों के विरुद्ध कई प्रकरण लंबित है तथा उक्त व्यक्ति झगडालु किस्म का व्यक्ति है, किन्तु सदैव पुलिस प्रशासन द्वारा उक्त व्यक्ति से मेल, मिलावट करते पीड़ित पक्षकार को ही सदैव न्याय से वंचित रखा जाता है, इस कारण से उक्त व्यक्ति एवं उसके परिजनों के होंसले बुलन्द है, जिससे गांव मे सभी ग्रामवासियों के मध्य दहशत का माहोल है एवं कोई भी पीड़ित पक्ष उपरोक्त व्यक्ति एवं उसके परिजनों के विरुद्ध कार्यवाही करने हेतु डरता है।
ज्ञापन प्रेषित कर राष्ट्रीय परशुराम सेना और ग्रामीणों ने निवेदन किया की पीड़ित पक्षकार के साथ न्याय करते मौके पर उपस्थित सभी आरोपीगण के विरुद्ध कार्यवाही करते प्रकरण में मुकेश पिता बंशीलाल प्रजापत, पंकज पिता बंशीलाल प्रजापत, राजु पिता सत्यनारायण प्रजापत, अर्जुन पिता दुर्गाशंकर प्रजापत आदि को भी आरोपी बनाया जाए। प्रकरण की वास्तविक जांच की जाए एवं शीघ्रता से आरोपीगण को गिरफ्तार नही किया गया तो ब्राह्मण समाजजनों व ग्रामवासियों को आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा।