BREAKING NEWS
BIG NEWS : फरार इनामी की तलाश में जुटी पुलिस को मिली.. <<     10 हजार का इनामी आखिरकार चढ़ा पुलिस के हत्थे! NDPS.. <<     KHABAR : कृषि क्विज के विजेताओं को मिले आकर्षक.. <<     NMH HEADLINES : नीमच शहर की बड़ी खबरें: स्थापना दिवस पर.. <<     BIG NEWS : नीमच के इन इलाकों में सोमवार को रहेगा.. <<     मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर खरगोन में.. <<     मरीज की मौत पर अस्पताल में बवाल! शव रखकर.. <<     ब्रेजा कार मे नशे की खेप लेकर जा रहे थे दो.. <<     KHABAR : लोकतंत्र, मतदान और SIR पर विद्यार्थियों से.. <<     KHABAR : बिस्टान में सेवा भारती और जन अभियान परिषद.. <<     VIDEO NEWS: कमल चौक पर बाइक की टक्कर से दंपती घायल,.. <<     BIG NEWS : सड़क हादसे में पति-पत्नी घायल, जिला.. <<     KHABAR : बुरहानपुर में लोक संस्कृति की धूम, मध्य.. <<     KHABAR : ‘मेरा बचपन, मेरा अधिकार’ थीम पर विधिक.. <<     NEWS : पंचायत राज चुनाव के तृतीय चरण की तैयारियां.. <<     HEADLINES : MP में आज बड़ी हलचल: उद्योगों को सौगात,.. <<     KHABAR : नीमच में ‘विकसित भारत युवा संवाद, अपना वोट.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
December 6, 2022, 1:29 pm
BIG NEWS : एक तरफ अन्नदाता कर्ज से परेशान तो दूसरी तरफ नीलगाय ने किसानों की फसलें की चौपट, देर रात तक जाग कर किसान खेतों में अपनी फसलों पर नजरें टिकाए खड़ा रहता है, पढ़े पवन धाकड़ सरसी की खबर 

Share On:-

जावरा। क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों के किसान इन दिनों नीलगाय के आतंक से परेशान हैं। किसानों के खेतों में खड़ी फसलों को आए दिन नीलगायों द्वारा नुकसान पहुंचाया जा रहा है। किसान नीलगायों की समस्या को हल करने और इससे निजात दिलाने के लिए कई मर्तबा शासन-प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं लेकिन प्रशासन द्वारा अब तक इस समस्या के हल के लिए किसी भी प्रकार का सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है।

जावरा के ग्रामीण क्षेत्र सरसी, केरवासा, उपलाई, भूतेडा, सादाखेड़ी, नीमन, डोडियाना, पाताखेड़ी, रेवास, बड़ायला, सहित आसपास के करीब एक दर्जन गांव के खेतों में नीलगाय ने स्थाई अपना रेन बसेरा बना लिया है। रात के अंधेरे में झुंड के झुंड नील गाय खेत में खड़ी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, इससे किसानों को काफी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। किसान रात रात जाकर अपने खेतों में फसल की रखवाली कर रहे हैं। जंगली पशु होने के कारण किसान उन्हें भगाने में भी असफल हो रहा है। 

सरसी के किसान सोहनलाल मेहता, विनोद पटेल, काशीराम बंबोरिया, आसपास के किसानों ने बताया कि नीलगाय की समस्या निरंतर बढ़ती जा रही है। नीलगाय से फसलों को बचाने के लिए किसान कई प्रकार के जतन कर रहे हैं, उसके पश्चात भी किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि किसान जब नील गायों के झुंड को भगाने की कोशिश करता है तो हिंसक होकर किसानों पर हमला कर घायल भी कर रहे हैं। अभी कुछ वर्षों में नील गायों की संख्या बहुत ज्यादा हो गई है। यह झुंड बनाकर खेतों में घुस जाते हैं और फसलों को पूरी तरह से चौपट कर देते हैं। 

वहीं प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का मुआवजा तो फसल बीमा का अपनी अदा कर देती है लेकिन नीलगाय के रोने से फसलों की बर्बादी का मुआवजा फसल बीमा के भी प्रावधान में नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र के किसानों का कहना है कि नील गायों की नसबंदी करा कर इनकी बढ़ती संख्या को रोका जाए एवं किसानों ने शासन-प्रशासन से जल्द ही इस ओर ध्यान आकर्षित करने की बात कही।  
 

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE