भोपाल। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पूर्व ही भाजपा में बगावत के सुर उठने शुरू हो गए हैं। बगावत का यह सिलसिला अब रुकता दिखाई नहीं दे रहा है। कर्नाटक से चली दल बदल की ये आँधी मध्य प्रदेश में बीजेपी के लिए नई मुसीबत खड़ी कर रही है। चुनाव से पहले भाजपा नेताओं का यूँ खुलेआम बयान देना और बगावत करना भाजपा के लिए अच्छे संकेत नहीं दे रहे है।
कांग्रेस पार्टी से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंह के कारण भाजपा के पुराने नेताओं को अपनी राजनीतिक विरासत जाती हुई दिख रही है। सिंधिया समर्थकों को पार्टी में ज्यादा तवज्जों मिलने से उन्हें खुद की चिंता सताने लग गई है। सिंधिया के कारण जिन भी भाजपा के विधानसभा के दावेदारों के टिकिट कटते हुए दिख रहे हैं, उन सभी ने दबी जुबान में बगावत शुरू कर दी है।
भाजपा के पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने आज भोपाल पहुंचकर कमलनाथ की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ली। देवास से भोपाल रवाना होने से पहले जोशी ने सुबह खेड़ापति मंदिर में दर्शन किए। बड़ी बहन ने मंगल तिलक किया। समर्थकों ने उन्हें फरसा देकर रवाना किया। जोशी ने कहा कि वे कांग्रेस में पद की लालसा से नहीं जा रहे हैं। उन्हें न तो राज्यसभा और न ही लोकसभा में जाना है। कांग्रेस अगर उन्हें विधानसभा का टिकिट देती है तो वे बुधनी से शिवराज के सामने चुनाव लड़ेंगे।
दलबदल की इस राजनीति में आज बीजेपी के पूर्व विधायक राधेलाल बघेल ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। इस दौरान पीसीसी चीफ कमलनाथ ने बघेल को कांग्रेस पार्टी की सदस्यता दिलाई। बघेल भाजपा से पहले 2008 में सेवड़ा विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। 2013 में वे बीजेपी के प्रदीप अग्रवाल से चुनाव हार गए। चुनाव हारने के बाद उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया। बघेल पूर्व में पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य थे। 2018 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने मौजूदा विधायक का टिकट काटकर राधेलाल बघेल को मैदान में उतारा था, लेकिन राधेलाल जीत नहीं पाए थे।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर इन दिनों घर के भीतर से हमले हो रहे हैं। उनके समर्थक एवं मंत्री राजवर्धन दत्तीगांव पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक भंवर सिंह शेखावत ने खुला आरोप लगाया है कि वह जमीनों पर अवैध कब्जे करते हैं और जुआ सट्टा चला रहे हैं। शेखावत ने कहा कि दत्तीगांव ने मंत्री बनने के बाद यहां की जमीनों और खदानों पर कब्जे किए, अवैध खनन में लिप्त हो गए। जुआं-सट्टा चलाने वालों को संरक्षण दिया जा रहा है। जितने भी अवैध काम है, उन सभी के सिर पर इनका का हाथ है। उन्होंने कहा कि सिंधिया के आने से भाजपा की जमीन खाली हो गई सिद्धांत छूट गए।
मध्य प्रदेश भाजपा के आधार स्तम्भ सत्यनारायण सत्तन का भी एक बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारतीय जनता पार्टी पर कोई उपकार नहीं किया। वे कटोरा लेकर आए थे। सत्तन ने कर्नाटक चुनाव पर कहा कि आंध्र और कर्नाटक में बीजेपी घुस गई फाटक में।
पूर्व सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा ने मप्र में भाजपा के प्रभारियों पर हमला बोला है। रघुनंदन शर्मा ने मप्र भाजपा के पांच प्रभारियों का नाम लिए बिना उनकी तुलना द्रोपदी से की है। रघुनंदन शर्मा ने कहा कि सुना है यहां 5-5 प्रभारी हैं। इस प्रदेश की पांच पतियों वाली द्रोपदी की जैसी दुर्दशा हो रही है। यह पांच प्रभारी भी प्रभावशाली ढंग से संगठन चला रहे हों, ऐसा दिखता नहीं। इसके कारण कहीं न कहीं संवाद हीनता की स्थिति पैदा हो रही है।