चित्तौड़गढ़। बेगूं कस्बे में सोमवार शाम को एक युवती ने अपने घर में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। मां हमेशा की तरह मजदूरी करने गई थी। युवती बीएससी नर्सिंग की छात्रा थी। उसने डेढ़ महीने पहले भी सुसाइड का प्रयास किया था।
पुलिस ने बताया कि बेगूं रेगर मोहल्ला निवासी देवन्ति (22) पुत्री शंकर लाल रेगर ने घर पर ही फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को बेगूं उप जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। सब इंस्पेक्टर हमेरलाल, एएसआई हंसराज, कांस्टेबल विनोद, सीताराम अस्पताल पहुंचे।
पुलिस ने बताया कि इस युवती ने करीब डेढ़ महीने पहले भी फांसी लगाकर सुसाइड का प्रयास किया था। उस समय बेगूं अस्पताल में चित्तौड़गढ़ रेफर किया था। डेढ़ महीने बाद फिर फांसी लगाई जिससे उसकी मौत हो गई।
युवती बीएससी नर्सिंग की छात्रा थी-
पुलिस और परिजन सुसाइड के कारणों से अनभिज्ञ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बताया गया कि युवती नर्सिंग की छात्रा है और चित्तौड़गढ़ रहकर पढ़ाई कर रही थी। युवती अविवाहित थी। उसके एक भाई है। देवन्ति सोमवार को ही दिन में चित्तौड़गढ़ से बेगूं आई। घर पर अकेली देवन्ति ने अपनी मां को फोन कर पूछा कि वह घर कब आएगी।
मां घर पहुंची तो बेटी फांसी पर लटकी मिली-
युवती की मां हमेशा की तरह मजदूरी करके साम 4 बजे घर पहुंची तो कमरा खुला हुआ था। बेटी फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिली तो फूटफूटकर रोने लगी। उसने परिजनों और मोहल्ले के लोगों को बुलाया।युवती को अस्पताल ले जाया गया, डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।