नीमच। आराध्या वेलफेयर सोसाइटी ने रोटरी क्लब नीमच कैंट के सहयोग से राजमाता विजयराजे सिंधिया जिला चिकित्सालय में स्वीडन से पधारे विदेशी मेहमान
के आतिथ्य में बेटियों को जन्म देने वाली माताओं का सम्मान मोतियों की माला पहनाकर बच्चों के कंबल, मोजे, खिलौने, बिस्किट, दलिया आदि देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर आराध्या वेलफेयर सोसाइटी की संयोजिका एडवोकेट मीनू लालवानी ने कार्यक्रम के अवसर पर मां बेटी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सामाजिक परिवर्तन के माध्यम से लिंगानुपात में सुधार के उद्देश्य व अभियान के माध्यम से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के कार्यक्रम का आंदोलन भारत सरकार द्वारा चलाया गया। इस सामाजिक अभियान की शुरुआत 22 जनवरी 2015 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा की गई थी जो की एक बहुत ही सराहनीय पहल के रूप में उभर कर आई है।
इस कार्यक्रम में आराध्या संयोजिका ने कहा कि आराध्या का मुख्य उद्देश्य हर बेटियों को एक अच्छी बेटी बनने के लिए अपने माता-पिता को दिखाना होगा कि आप उनसे प्यार करते हैं और उनका सम्मान करते हैं बेटियां विवाह के बाद नए रिश्तों को तन-मन से स्वीकारती है बेटियों को शिक्षित करना पूरे परिवार को शिक्षित करना है बेटियां बड़ी होकर पत्नी व मां बन परिवार को संजोती है वह जन्मदात्री ही नहीं बल्कि चरित्र निर्मात्री भी है एक शिक्षित बेटी पूरे परिवार को नई दिशा, रोशनी व परिवेश देती है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से स्वीडन से पधारे मेहमान व रोटरी क्लब नीमच कैंट के अध्यक्ष प्रदीप ओसवाल, सचिव संदेश महेश्वरी, समाजसेवी ज्योति रोहिड़ा, दिव्या लालवानी, भारती मंगवानी, जिया रामचंदानी, काजल धामेचा, नेहा दादवानी, सिमरन कोटवानी, चंचल बाहेती, मुकेश बाहेती, सुरेंद्र पाटीदार, ओमप्रकाश काबरा, आशीष दरक, प्रमोद मालू, शांतिलाल भंसाली, कनन ओसवाल, चंद्रप्रकाश (मोमू) लालवानी, चंद्रशेखर जायसवार, मोहम्मद रईस हुसैन पटवा आदि उपस्थित रहे।