नीमच। श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा श्री कृष्ण के जीवन चरित्र का वांग्मय स्वरूप है यह मुक्ति का मार्ग दिखाती है। जीवन जीने की कला सिखाती है। श्रीमद्भागवत ज्ञान वेदों का सार है। यह बात श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा में भागवताचार्य, श्री पंकज कृष्ण महाराज ने कही।वे अंबेडकर कॉलोनी स्थित नारायण गिरी बाबा मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि नशा मांस मदिरा परिवार के विनाश का मार्ग होता है। इससे सदैव बचना चाहिए। भागवत श्रवण से जीवित मनुष्य तो क्या प्रेतात्मा का भी कल्याण हो जाता है और मुक्ति मिलती है। संसार के सभी सुखों से महत्वपूर्ण श्रीमद् भागवत सत्संग होता है। जीवन में कष्टों के बाद ही सच्चा सुख मिलता है भगवान का सेवक बन कर रहना चाहिए ।कथा का व्यापार नहीं होना चाहिए। छोटे बच्चों को मोबाइल और टीवी से बचा कर रखना चाहिए नहीं तो इनका जीवन अंधकारमय हो जाएगा। जिसने क्रोध को जीत लिया। संसार के प्रत्येक क्षेत्र में सफल हो सकता है।माता पिता की सेवा के बिना जीवन का कल्याण नहीं होता है। युवा वर्ग श्रीमद्भागवत को प्रेरणा मानकर माता पिता की सेवा के संस्कार को जीवन में आत्मसात करें तो उनके जीवन का कल्याण हो सकता है।
श्रीमद्भागवत श्रवण करने से अनेक कष्टों का संहार होता है। मन को शांति मिलती है ।तनाव दूर होता है। महाराज श्री ने शिव अमर कथा, 24 अवतार सुखदेव मुनि का जन्म का प्रसंग सहित विभिन्न विषयों के महत्व पर वर्तमान परिपेक्ष में प्रकाश डाला।
श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा 16 से 22 दिसंबर तक प्रतिदिन दोपहर 1 से 4 बजे तक श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा प्रवाहित हो रही है। श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा की पावन श्रृंखला में मंगलवार को कृष्ण जन्म, बुधवार को गिरिराज पर्वत पूजन, गुरुवार को कृष्ण रुक्मणी विवाह, शुक्रवार को सुदामा कृष्ण चरित्र, शनिवार को भागवत कथा का विश्राम और यज्ञ हवन कन्या पूजन सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा में महिलाएं लाल पीले परिधानों में सहभागी बनी।
भागवत में वामन अवतार आज-
अंबेडकर कॉलोनी स्थित नारायण गिरी बाबा मंदिर परिसर में 16 से 22 दिसंबर तक प्रवाहित हो रही है श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा में पंडित पंकज कृष्णा महाराज द्वारा आज सोमवार को वामन अवतार के विषय पर झांकी प्रदर्शन एवं संगीत नए भजनों के साथ श्रीमद् भागवत कथा प्रवाहित की जाएगी।