नीमच। मटन मार्केट को मुक्तिधाम के समीप विस्थापन की योजना को स्थगित करने की मांग करते हुए आज नीमच जिला कलेक्टर कार्यालय पर मटन, मुर्गा, मछली व्यवसाय संघ ने एक ज्ञापन सौंपा।
नीमच के मटन व्यापारियों ने कलेक्टर के नाम दिये गए ज्ञापन में कहा है कि हिंदू समाज के मुक्तिधाम के पास मटन मार्केट का विस्थापन सुप्रीम कोर्ट, खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम व मुख्यमंत्री के आदेश की अवहेलना है। यहां मांस, मुर्गा, मछली का मार्केट लगने से हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का अपमान होगा। यह निर्णय सांप्रदायिक विवाद का कारण भी बन सकता है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा जारी आदेश के अनुसार मांस, मटन की बिक्री धार्मिक स्थल से 100 मीटर की दूरी पर नहीं होनी चाहिए। लेकिन नीमच नगर पालिका प्रशासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और मुख्यमंत्री के आदेश की अवहेलना की जा रही है। नगरपालिका मटन मार्केट को हिंदू धर्म के मुक्तिधाम स्थल से महज 25 से 30 मीटर की दूरी पर ले जा रहा है। प्रस्तावित मटन मार्केट से बजरंगबली, गणेश जी और शनि मंदिर की दूरी भी काफी कम है। यदि मटन मार्केट इस पवित्र स्थल पर लगता है तो धार्मिक भावना आहत होने की आशंका उत्पन्न हो जाएगी। इस प्रकार के तमाम तर्क और बिंदुओं के साथ करीब 50 मांस, मछली मुर्गा व्यापारियों ने ज्ञापन देकर मुक्तिधाम के पास मटन मार्केट ले जाने के नगरपालिका के निर्णय को निरस्त करने की मांग जिला कलेक्टर से की है।