चीताखेड़ा। स्थानीय पुराना हायर सेकेण्डरी स्कूल परिसर में मदनलाल माली की मुख्य यजमानी में ग्राम वासियों द्वारा आयोजित साप्ताहिक श्रीमद भागवत ज्ञान गंगा प्रवचन में छःठे दिन सोमवार को कथा मर्मज्ञ पंडित घीसालाल नागदा नवलपुरा की कथा में भागवत प्रसंग का वर्णन जिस प्रकार मालवी भाषा में व्यंग्यात्मक शैली में किया जा रहा है जिसको सुनना जनमानस को खूब भा रहा है। जीवन में कभी भी किसी की निंदा नहीं करनी चाहिए। चंदन और वंदन मानव के जीवन को वंदनीय बना देता है। ललाट पर चंदन लगाने से मस्तिष्क को शीतलता प्रदान करता है और परमात्मा की वंदना करने से व्यक्ति समाज में वंदनीय बन जाता है।संक्षिप्त भी उनकी एक विशेषता है किसी प्रसंग को अनावश्यक नहीं बढ़ाते हुए वे सीधे मानव मन पर प्रहार करते है। खासकर व्यसन त्याग करने को लेकर मांस मदिरा का सेवन करने वाले व्यक्तियों को निशाना बना रहे हैं वहीं व्यसन का त्याग करने वाले भी प्रेरित होकर त्याग करने हेतु आगे आकर संकल्प भी ले रहे हैं। इस अलौकिक भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव में शामिल होने पर श्रद्धालु अपने आप को बड़ा सोभाग्य मान रहे हैं और खुद को अभीभूत महसूस कर रहे हैं।
नन्दोत्सव के साथ कथा का छठा दिन उत्साह के साथ प्रारंभ हुआ। उन्होंने बताया कि कलयुग में दान ही एक ऐसी वस्तु है जो भगवान तक पहुंचाता है। मनुष्य को चिंता नहीं प्रभु का चिंतन करें।
उक्त बात गौ भक्त कथा मर्मज्ञ पंडित घीसालाल नागदा नवलपुरा ने चीताखेड़ा में चल रही भागवत कथा के छठे दिन सोमवार को कहीं। माथे पर चोटी और ललाट पर तिलक हमारी भारतीय संस्कृति की पहचान है। मंदिर में चरनामृत का सेवन करने से कभी भी अकाल-मृत्यु नहीं होती है। मानव का जीवन बिना संस्कार के व्यर्थ है। जिस घर परिवार में भगवान का सत्कार होता है उस घर में लक्ष्मी का वास होता है। जो व्यक्ति माता पिता का अपमान करता है एवं बंदी बनाकर रखता है वो कंस है। कथा प्रवचन के दौरान कथा वाचक पण्डित घीसालाल नागदा अत्याधुनिक वाद्य यंत्र की स्वर लहरियों के साथ...पापी कंस को मार डाला छलिया मूरली वाले ने..., मय्या से कहना उद्धव तेरा लालो बहुत दुखी..., द्वारिका में राज करें रणछोड़.., लेणों देणों चवरियां में करजो पाछे झुठी वाता..., आदि मधूर स्वर भजनों पर सैकड़ों श्रद्धालु पूरे मनोभाव से नृत्य कर आनंदित हो रहे हैं।
श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव के दौरान अक्रूर जी, श्री कृष्ण का मथुरा गमन, नंदराय, राधा रानी, कुब्जा, कालिया वन, बलराम, जरासंध राजा, रुकमणी, शिशुपाल वध तथा श्री कृष्ण की सांदीपनि आश्रम में शिक्षा, कंस वध, रुक्मणी विवाह आदि धार्मिक प्रसंगों को विस्तार से महत्व प्रतिपादित किया गया।
इन्होंने की शिरकत-
श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा प्रवचन में दक्षिण मंडल अध्यक्ष मधुसूदन राजोरा सहपरिवार, जमुनिया पूर्व सरपंच बाबूलाल धनगर, गोपाल पाटीदार ग्वाल तालाब, दिनेश गुर्जर देवियां ग्वाल, पूर्व सरपंच मोहनसिंह तोमर, रामेश्वर शर्मा महूडिया, नरेश पाटीदार पीठ, मोहनलाल जाट हरनावदा ने व्यासपीठ पर पौथीकथा पंडाल में शिरकत कर कथा का रसास्वादन कर पंडित घीसालाल नागदा का आर्शीवाद लिया और कथा में आरती कर पूण्य लाभ लिया।
इन्होंने धरा स्वांग-
कथा के दौरान कथा पंडाल में श्री कृष्ण रुकमणी विवाह आयोजन किया गया। स्वचलित झांकी प्रस्तुत की गई जिसमें श्री कृष्ण- श्रेया शर्मा, रुकमणी- ज्योति माली, श्री कृष्ण- खुशी प्रजापत, रुक्मणी- महिमा प्रजापत ने आकर्षक अभिनय निभाया जो आकर्षण का केंद्र रहा। श्री कृष्ण-रुक्मणी विवाह में हथेरा करने का दस्तूर भी किया गया जिसमें ग्यारह हजार रुपए की राशि प्राप्त हुई। कथा वाचक पण्डित घीसालाल नागदा ने आवरी माता जी मन्दिर परिसर में नव निर्माण होने वाले पक्षी रात्रि विश्राम टावर निर्माण कार्य हेतु नर सेवा नारायण सेवा समिति को प्रदान की।
कल होगी कथा की पूर्णाहुति -
श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा प्रवचन कथा महोत्सव के अंतिम दिन आज दिनांक 19 दिसंबर 2023 मंगलवार को सुदामा चरित्र, उद्भव ज्ञान प्रसंग का वर्णन पर प्रवचन पंडित घीसालाल नागदा से ज्ञान वर्षा प्रवाहित की जाएगी। हवन पूजन एवं महाआरती के पश्चात महाप्रसाद वितरण के साथ कथा पंडाल से बैण्ड बाजों के साथ गांव के विभिन्न मार्गों से चारभुजानाथ मंदिर तक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी इसी के साथ भागवत ज्ञान गंगा कथा का विश्राम होगा। आयोजक समिति ने क्षेत्र की समस्त धर्म प्रेमी जनता से अनुरोध किया है कि अधिक से अधिक संख्या में निर्धारित समय पर पहुंचकर धर्म लाभ उठाएं।