नीमच। शहर की गाइड लाइन में व्याप्त विसंगतियां और असमानता को दूर करने के लिए आज नीमच रियल स्टेट ब्रोकर ग्रुप ने जिला पंजीयक कार्यालय पर आठ सूत्रीय ज्ञापन दिया। डीआईजी यू एस वाजपेयी को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रतिवर्ष जिला मूल्यांकन समिति द्वारा नीमच की गाइडलाइन में जो वृद्धि की जा रही है उस कारण असंतुलन पैदा हो गया है। विसंगतियों के कारण शासन के राजस्व में भी प्रतिवर्ष कमी होती जा रही है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि नीमच की अधिकांश आबादी बंगला बगीचा एरिया में निवास करती है।बंगला बगीचा की गाइडलाइन में प्रतिवर्ष वृद्धि किए जाने से जनता में गहरा असंतोष है। ज्ञापन में इस संबंध में कई उदाहरण भी दिए गए हैं। नई गाइडलाइन 2022-23 में कुछ क्षेत्र विशेष में अत्यधिक वृद्धि की गई, जिसमें बंगला एरिया खास तौर पर प्रभावित हुआ है। ज्ञापन में आपत्ति के साथ सुझाव भी दिए गए हैं। पंजीयन विभाग जो कि लाखों करोड़ों का राजस्व देता है, यहां पर्याप्त सुविधा के अभाव में सारा काम पक्षकारों को सड़कों पर करना पड़ रहा है। दो विंडो में संचालित हो रहे रजिस्ट्रार कार्यालय की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मांग भी की गई है। 2024-25 की गाइडलाइन में बढ़ोतरी ना करने की बात भी कही गई है। ज्ञापन देते समय राजेश जैन, राजेंद्र जारोली, श्री चंद्र कृपलानी, मनोज पारवानी, पप्पू मोटवानी, पप्पू मनीष, सुधीर सोनी, दौलत चरण,किशोर ग्वालटोली, दिलीप जायसवाल, रामू घाटिया आदि मौजूद रहे।