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December 22, 2023, 11:12 am
KHABAR : गौ माता की रक्षा राष्ट्र विकास का प्रमुख आधार है- पंकज कृष्ण महाराज, श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा प्रवाहित, पढ़े खबर 

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नीमच। श्री कृष्ण ने भी गौ सेवा की और गाय पालन का संदेश संसार को दिया। गौ माता जीते जी गोबर का खाद और दूध पिलाकर संसार का पालन करती है। मृत्यु उपरांत उसकी हड्डियां खाद बनकर खेतों में संसार पालन में सहयोगी बनती है। इसलिए गौमाता जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी मानव सेवा करती है। इसलिए गौ माता की रक्षा करना प्रत्येक मनुष्य का कर्तव्य होता है ।गौ माता की रक्षा ही राष्ट्र विकास का प्रमुख आधार है।यह बात अंबेडकर कॉलोनी स्थित नारायण गिरी मंदिर बाबा परिसर में श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा में  श्रीमद् भागवत प्रवक्ता पंकज कृष्ण महाराज ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण का जेल में जन्म होना संसार को यह संदेश देता है कि विषमताओं में भी सकारात्मक सोच हो तो कठिन से कठिन लक्ष्य को भी सरलता से प्राप्त किया जा सकता है। वक्षासुर वध संसार को यह संदेश देता है कि यदि मन की चंचलता सादगी सरलता छूट जाएगी तो संसार में सफलता नहीं मिलती है। परमात्मा की प्राप्ति के लिए पूजा पाठ में मन की चंचलता को त्यागना होगा और मन से परमात्मा को समर्पित भाव से याद करना होगा तभी परमात्मा मिल सकते हैं। अघासुर राक्षस का वध यह संदेश देता है कि परमात्मा को प्राप्त करना है तो संसार में रहते हुए आलस्य को त्याग कर परमात्मा की भक्ति करना होगी तभी सफलता मिल सकती है। कालिया नाग का मर्दन यह संदेश देता है कि यदि जल सरंक्षण नहीं किया तो संसार में जीना कठिन हो जाएगा। गोवर्धन पर्वत पूजन हमें यह संदेश देता है कि यदि हमने पर्यावरण और प्रकृति की रक्षा नहीं की तो प्रकृति का संतुलन बिगड़ जाएगा और बरसात नहीं होगी यदि हम क्षेत्र में अच्छी बरसात चाहते हैं तो पर्यावरण संरक्षण पर कार्य करें। 56 भोग का संसार को यह संदेश है कि हम हर पल परमात्मा को याद करें और दान पुण्य कर उन्हें परमार्थ के पुण्य कर्म करें तभी हमारे जीवन में सफलता मिल सकती है।परमात्मा को गाय के  शुद्ध घी का दीपक लगाएं तो ओजोन मंडल के होने वाले छेद भी भर सकते हैं। सभी लोग और युवा वर्ग अपना जन्मदिन विवाह की वर्षगांठ दादा दादी की पुण्य स्मृति आदि मांगलिक कार्यक्रमों को गौशाला में गौ सेवा कर मनाना चाहिए तभी हमारा जीवन सफल और सार्थक हो सकता है और तभी गौ माता की रक्षा भी साथ-साथ हो सकती है। गौ माता की सेवा का फल अश्वमेध यज्ञ के फल के समान होता है। गौ माता की सेवा करने वाले की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।मानव जीवन में मनुष्य को ऐसी वाणी बोलना चाहिए। जो स्वयं भी शीतल हो और दूसरों को भी शीतलता प्रदान करें। गोविंद की भक्ति ही सच्चा सुख दे सकती है संसार सदैव धोखा ही देगा। जो मातृशक्ति अपने पति को परमेश्वर मानकर जो सेवा करती है स्त्री उसके जीवन में शनि देव भी कुछ नहीं बिगाड़ते हैं।पति का सम्मान परमेश्वर के सम्मान के बराबर होता है। महिलाओं को पति पर कभी क्रोध नहीं करना चाहिए।पति पर क्रोध करना पतिव्रत धर्म को नष्ट करना होता है।पतिव्रता स्त्री यमराज से भी अपने पति को लड़कर वापस ला सकती है।जिन बहनों के पति इस संसार में नहीं है उन बहनों के पास जाकर वह महिलाएं बैठकर पूछे कि पति का महत्व क्या होता है।सच्ची प्रतिवृता नारी अपने पति का वियोग सहन नहीं कर सकती है।पति जब दूर छोड़कर चला जाता है तब उसका महत्व समझ में आता है। पति के बिना धर्मपत्नी अधूरी होती है। पति-पत्नी एक गाड़ी के दो पहिए होते हैं। पती की रक्षा के लिए धर्म पत्नी सब कुछ सहन कर सकती है।महाराज श्री ने श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा में  पतिव्रता नारी में बड़ी शक्ति होती है,व रिद्धि सिद्धि गणेश सीता राम, ब्रह्म देव, मीरा की कृष्ण के प्रति दीवानगी, माखन लीला, गोपी कृष्ण संवाद, तुलसी पत्र, अगस्त्य ऋषि, शिशुपाल, जरासंध, द्वारिका राजा सहित विभिन्न धार्मिक विषयों का वर्तमान परिपेक्ष में विस्तार से महत्व प्रतिपादित किया। महा आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया।
श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह बना श्रद्धा का केंद्र-
श्रीमद् भागवत कथा के मध्य जब महाराज श्री में कृष्ण रुक्मणी विवाह का प्रसंग बताया तो भक्ति पांडाल में जय जय श्री कृष्ण रुक्मणी की जय घोष लगी। इसअवसर पर मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो आओ मेरी सखीयों मुझे मेहंदी लगा दो... बहारों फूल बरसाओ मेरे भगवान आए हैं.. आज मेरे भगवान की शादी है... गीत पर श्रद्धालुओं ने नृत्य प्रस्तुत किया।बच्चों ने श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह की झांकी की प्रस्तुति दी जिसमें श्री कृष्ण  का अभिनय सुश्री कृपा शिव ने तथा रुक्मणी का अभिनय लावण्या यादव, सखियां सुश्री  आयुषी कुंगर, युक्ति यादव, आयुषी यादव ने प्रस्तुत किया। झांकी साथ सजा निर्देशन सुरेखा धनगर व पिंकी शिव ने किया।भक्ति पांडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर आत्मिय स्वागत कर अपनी श्रद्धा  व्यक्त की।
भागवत  कथा में कृष्ण सुदामा प्रसंग आज-
अंबेडकर कॉलोनी स्थित नारायण गिरी बाबा मंदिर पर आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा में पंकज कृष्ण महाराज द्वारा आज शनिवार को कृष्ण सुदामा चरित्र प्रसंग के साथ श्रीमद् भागवत कथा विश्राम के महत्व पर वर्तमान परिपेक्ष्य में प्रकाश डाला जाएगा।

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