नीमच। नगर में सोमवार को दोपहर 1 बजे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हजारों की संख्या में बाल स्वयं सेवक बसो, वाहनों एवं पैदल दशहरा मैदान की ओर पहुंचे। जहां से बाल स्वयंसेवकों का पथ संचलन 2 बजे प्रारंभ हुआ जो विजय टाकिज चौराहा कमल चौक, फव्वारा चौक, बारादरी चौराहा, श्री बड़े बालाजी मंदिर चौराहा, बिहार गंज, नरसिंह मंदिर, श्री राम चौक, घंटाघर बिचला गोपाल मंदिर, श्री राम मंदिर, अग्रसेन वाटिका होते हुए दशहरा मैदान पर पहुंचकर विसर्जित हुआ। पथ संचलन में शामिल स्वयंसेवकों का मार्ग में स्थान स्थान पर नागरिकों महिलाओं, पुरुषों, बच्चों द्वारा पुष्प वर्षा कर आत्मीय स्वागत किया गया। नन्हे मुन्ने बच्चों में अपार जोश और उत्साह देखा गया बच्चों ने देश के सैनिकों की तरह अपने कदम से कदम ताल मिलाकर सभी के सामने एक अनुशासन का संदेश दिया।
इससे पूर्व दशहरा मैदान में नीमच नगर के बाल स्वयंसेवकों द्वारा भगवान श्रीराम के धनुष की आकृति बनाई गई। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नन्हे नन्हे छोटे बच्चों सहित सैकड़ो स्वयंसेवको ने भाग लिया। संयुक्त पथ संचलन से पूर्व आरएसएस प्रमुखों द्वारा बौद्धिक संबोधन दिया गया। इसमें मुख्य अतिथि प्रोफेसर एलएन शर्मा, शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मंदसौर एवं आरएसएस के मालवा प्रांत के सह व्यवस्था प्रमुख बलवंत हाडा चार्टेड अकाउंटेंट जिला झाबुआ मेघनगर ग्राम होसल्या द्वारा उद्बोधन दिया गया।
बलवंत हाडा ने कहा कि आजकल टीवी चालू करते ही बच्चों को जो कार्टून दिखाते हैं वह सब हिंसक प्रवृत्ति के होते हैं, इससे बच्चों की मनोवृत्ति खराब होती है। बच्चों को छोटा भीम और भगवान श्री कृष्णा लीलाओं के कार्टून दिखाएं जाना चाहिए, जिससे उनका मानसिक विकास अच्छा हो सके। बच्चों को नियम पालन की आदत डालना चाहिए। बच्चे सहयोगी बने इस प्रकार के संस्कार दिए जाने चाहिए। पारिवारिक समरसता का भाव जगाना होगा तभी हम राम राज्य की परिकल्पना को साकार कर पाएंगे। हमारे घरों में होना चाहिए और हमें भी अन्य समाजों के व्यक्तियों के घरों में प्रवेश करना चाहिए। मिलन सरिता रखना चाहिए और उनके साथ भोजन भी करना चाहिए। उन्होंने सभी बच्चों को 22 जनवरी को 11 से 1 बजे के बीच कार्यक्रम देखने का आह्वान किया और निवेदन किया कि जब भी समय मिले तब भगवान श्री राम के बाल स्वरूप के दर्शन करने सब परिवार अवश्य जाएं।