भवानीमंडी। इण्डियन एसोसिएशन ऑफ पेलिएटिव केयर एण्ड नून हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वाधान में तीन दिवसीय सर्टिफिकेट कोर्स इन पेलिएटिव केयर प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रकार के प्रोग्राम का आयोजन भवानीमंडी में पहली बार हो रहा है। आज दिनांक 27 दिसम्बर 2023, बुधवार को दूसरे दिन की कार्यशाला सम्पन्न हुई।
कार्यशाला में डॉ सुषमा भटनागर (एम्स दिल्ली के प्रोफेसर एचओडी, ओन्को-एनेस्थिसियोलॉजी और क्रिटिकल केयर, एवं इण्डियन एसोसिएशन ऑफ पेलिएटिव केयर के चेयरमेन) द्वारा गंभीर एवं लाईलाज बीमारी से ग्रसित मरीजो के लिए दर्द प्रबंधन, सुरक्षा चक्र के बारे में महत्वपूर्ण लेक्चर दिया गया। इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टॉफ को अधिक से अधिक जागरुक करके इसमें भगीदार बनाना है ताकि वे मरीज के लिए बेहतर योगदान दे सकें।
इससे पूर्व इस तीन दिवसीय कार्यशाला में पांच डॉक्टर्स, 35 से अधिक नर्सिंग स्टाफ एवं पेलिएटिव केयर कोर्स के विद्यार्थियों ने भाग लिया। जिसमें जोधपुर से डॉ ममता परिहार, अमेरिका से सिस्टर हनीफे, डॉ अंजुम खान, मिस्टर राम सोलंकी एवं दिल्ली से डॉ सविता बुटोला ने महत्वपूर्ण जानकारिया प्रदान की। दूसरे दिन की कार्यशाला में डॉ सुषमा भटनागर ने डॉक्टर, नर्स, पत्रकारों एवं मरीजों के परिजनो को सम्बोधित करते हुए बताया कि मेंरा जन्म झालावाड़ में ही हुआ है और मुझे इस क्षेत्र से बहुत लगाव है। उन्होंने बताया कि वे इस क्षेत्र में पेलिएटिव केयर की शुरुआत करना चाहती है जहां गंभीर एवं असाध्य रोगों से ग्रसित मरीजों का उपचार किया जा सके साथ ही उन्हें क्वालिटी ऑफ लाईफ प्रदान की जा सके।
इस अवसर पर पिड़ावा उपखण्ड अधिकारी अभिषेक चारण, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ जेके अरोड़ा, नगरपालिका अध्यक्ष कैलाश बोहरा, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ एमएल आहुजा, दुर्गाशंकर ठेकेदार, कमल हटवाल, समाजसेवी ओम प्रकाश चतुर्वेदी के साथ नून हॉस्पिटल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी देबब्रत मुखर्जी, मेनेजर ऑपरेशन ईशा भटनागर, डॉक्टर्स, स्टॉफ एवं पत्रकार बंधु मौजूद थे।
यह जानकारी हॉस्पिटल के जन सम्पर्क अधिकारी प्रतापसिंह झाला ने दी।